उज्जैन/खबर डिजिटल/ उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर करीब 5 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और विभिन्न विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग के लिए करीब 250 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में करीब 75 बिजली लाइनों को स्थानांतरित करने का काम किया जा रहा है। इस बीच बिजली से जुड़े कार्यों की जांच में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
तीन विद्युत लाइन की पड़ताल
रिपोर्ट के मुताबिक, तीन विद्युत लाइनों की पड़ताल के दौरान कुछ स्थानों पर नए पोल लगाने के बजाय पुराने पोल का दोबारा इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। कुछ पुराने पोल पर सिल्वर पेंट किए जाने के साथ पुराने केबल और अन्य सामग्री के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है। वहीं, दस्तावेजों में दर्ज सामग्री और मौके पर मौजूद सामान के बीच अंतर होने के आरोप भी लगाए गए हैं। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर बिजली के पोल के बीच निर्धारित दूरी को लेकर भी सवाल उठाए गए। इसके अलावा 11 केवी विद्युत लाइन के लिए जरूरी सुरक्षा दूरी के मानकों के पालन को लेकर भी जांच में आपत्तियां सामने आने की बात कही गई है।
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पुराने पोल और उपकरणों के इस्तेमाल का दावा
एक अन्य जांच में पुराने पोल, डिस्ट्रीब्यूशन पैनल और लंबे समय से उपयोग में लाई जा रही विद्युत सामग्री मिलने का दावा किया गया है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, कुछ पुराने पोल को स्टोर में जमा कराया जाना था। इसके बावजूद मौके पर पुराने पोल और उन पर वेल्डिंग के निशान मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई है। मामले में केवल दस्तावेजों की जांच ही नहीं, बल्कि मौके पर किए गए कार्यों का ग्राउंड वेरिफिकेशन भी किए जाने की बात सामने आई है। इसके साथ ही संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच और विद्युत सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लैब टेस्टिंग जैसे कदमों का भी उल्लेख किया गया है।
जांच पूरी होने के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
सिंहस्थ 2028 से जुड़े बड़े पैमाने के निर्माण और विद्युत कार्यों के बीच सामने आए इन आरोपों ने काम की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री और रिकॉर्ड में दर्ज विवरण के मिलान को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत दस्तावेजी जांच, मौके के सत्यापन और तकनीकी परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। उसके बाद कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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