मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में लंबे समय से सिटी बस सेवा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए राहत भरी खबर है. अगले दो से तीन दिनों के भीतर शहर में 10 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना' के तहत भोपाल से 351 बसों को हरी झंडी दिखाई थी, जिसमें उज्जैन की ये 10 बसें भी शामिल हैं. ये वातानुकूलित और पर्यावरण अनुकूल बसें शहर पहुंच रही हैं, जिन्हें सबसे पहले 27.01 किलोमीटर लंबे 'उज्जैन दर्शन' रूट पर उतारा जाएगा. हालांकि, अभी बसों के किराए और फेरों का अंतिम शेड्यूल तय होना बाकी है, जिसे जल्द ही जारी कर दिया जाएगा.
जानिए 'उज्जैन दर्शन' का पूरा रूट और प्रमुख धार्मिक स्थल
उज्जैन दर्शन सेवा के लिए तय किया गया रूट शहर का तीसरा सबसे बड़ा आंतरिक मार्ग है. यह यात्रा मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होकर शहर के प्रमुख धार्मिक और दर्शनीय स्थलों को कवर करेगी. इस रूट पर यात्री मेघदूत वन से सवार होकर महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, शिप्रा तट, ऋणमुक्तेश्वर, भर्तृहरि गुफाएं, गढ़कालिका, काल भैरव, सिद्धवट, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम और चिंतामन गणेश मंदिर के दर्शन करते हुए वापस मेघदूत वन लौट सकेंगे. शुरुआती दौर में इस रूट पर 10 बसें उतारी जा रही हैं, जिनकी संख्या यात्रियों की मांग के आधार पर बढ़ाकर 15 तक की जा सकती है.
यूसीटीएसएल के जिम्मे कमान, तीन महीनों में चलेंगी 100 बसें
ई-बसों के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (यूसीटीएसएल) को दी गई है, जो राज्य स्तरीय कंपनी एमपीवायपीआईएएल (MPYPIL) के अधीन काम करेगी.
यूसीटीएसएल के कार्यक्षेत्र को बढ़ाते हुए अब इसके तहत पूरे उज्जैन संभाग के सातों जिलों की बस सेवाओं का प्रबंधन किया जाएगा. यूसीटीएसएल के सीईओ संदीप सोनी के अनुसार, शहर को केंद्र सरकार की ओर से कुल 100 ई-बसें स्वीकृत हुई हैं. मक्सी रोड स्थित पुराने डिपो में चार्जिंग स्टेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. अगले कुछ दिनों में 20 और बसें मिलने वाली हैं. उम्मीद है कि अगले तीन महीनों में सभी 100 बसें उपलब्ध हो जाएंगी, जिसके बाद शहर के सभी 12 तय रूटों पर इनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
सुरक्षा सुविधाओं से लैस बसें और शहर के अन्य 11 रूट
यात्रियों की सुरक्षा के लिए इन ई-बसों में 7 सीसीटीवी कैमरे और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं. 'उज्जैन दर्शन' (रूट-U12) के अलावा जिन 11 अन्य रूटों पर चरणबद्ध तरीके से बसें चलाई जाएंगी, उनमें शामिल हैं:
रूट-U1: तपोभूमि से पान बिहार (33.35 किमी)
रूट-U2: रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल (9.48 किमी)
रूट-U3: कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी (12.94 किमी)
रूट-U4: देवासगेट से तपोभूमि (16.78 किमी)
रूट-U5: देवासगेट से ताजपुर (16 किमी)
रूट-U6: देवासगेट से सांवराखेड़ी नया आरटीओ (8.97 किमी)
रूट-U7: महाकाल चौराहे से अभिलाषा कॉलोनी (11.52 किमी)
रूट-U8: देवासगेट से नानाखेड़ा (4.25 किमी)
रूट-U9: अवंतिका विवि जवासिया से नानाखेड़ा (17.84 किमी)
रूट-U10: देवासगेट से मरलीपुरा (5.03 किमी)
रूट-U11: तपोभूमि से नजरपुर (28.44 किमी







