चंदेरी/खबर डिजिटल/ नगर में संचालित पांच Aadhar Card आधार केंद्रों के अतिरिक्त एक ऐसा आधार केंद्र संचालित है जो बिना वैध दस्तावेजों के किसी के भी आधार में नाम परिवर्तन, जन्मदिनांक परिवर्तन, उपनाम परिवर्तन, मोबाइल नंबर, फोटो परिवर्तन सहित आधार में सभी प्रकार के परिवर्तन कर गरीब अनपढ़ आदिवासी वर्ग के लोगों को शिकार बनाकर हजारों रुपए की ठगी करने में माहिर है ।
नगर में ऐसा ही एक फर्जी आधार केंद्र के संचालन का मामला सामने आया है जहां फर्जी आधार संचालक द्वारा आधार में संशोधन के नाम से हजारों रुपए की राशि वसूल कर पीड़ित महिला को किसी अन्य का आधार कार्ड थमा दिया गया महिला द्वारा सही आधार कार्ड मांगने पर अतिरिक्त राशि की मांग का मामला मंगलवार को एसडीएम चंदेरी की जनसुनवाई में सामने आया है..
आधार में नाम संशोधन के पहले 3000 रुपये फिर मांगे 6000
जहां अपनी बच्ची के आधार कार्ड में संशोधन करने के नाम पर आना-जाना ऑनलाइन सर्विस केंद्र राजघाट रोड चंदेरी के संचालक देवांश जैन द्वारा किरण पाल नाम की महिला से 3000 लेकर उसकी बच्ची वैष्णवी पाल के आधार कार्ड के स्थान पर किसी कृष्ण पाल आदिवासी का आधार कार्ड थमा दिया महिला द्वारा गलत आधार कार्ड जारी करने पर ऑनलाइन केंद्र के संचालक द्वारा पुनः नाम संशोधित किए जाने के नाम पर 6000 राशि की अतिरिक्त मांग पीड़ित महिला से की गई।
समस्त घटनाक्रम से व्यथित होकर अपने आप को ठगा जानकर पीड़ित महिला द्वारा मनीष धनगर एसडीएम चंदेरी को आवेदन प्रस्तुत कर इस समस्त घटनाक्रम से अवगत कराया और न्याय की मांग सहित ऑन लाइन केंद्र के संचालक पर विधि अनुसार कारवाही की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम चंदेरी द्वारा हिमांशी गुप्ता नायब तहसीलदार चंदेरी एवं राजस्व दल द्वारा उक्त फर्जी आधार केंद्र की जांच कर कारवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया ।
केंद्र संचालक को मिली पूर्व सूचना टीम पहुंचने से पहले हुआ सतर्क
एसडीएम चंदेरी द्वारा उसे आधार केंद्र के संचालक पर विधिवत जांच कर कार्रवाई किए जाने के लिए नायब तहसीलदार चंदेरी एवं दल को उसके अंदर पर भेजा किंतु जांच दल के पहुंचने से पूर्व भी केंद्र का संचालक मौके से फरार हो गया अधिकारी के निर्देश के बावजूद भी जांच दल द्वारा कारवाही और जप्ती के नाम पर खाना पूर्ति देखने को मिली किसी भी प्रकार का कंप्यूटर और मशीनरी विधिवत जप्त न कर केवल खाना पूर्ति कर अपने साथ न ले जाकर संचालक के पिता को ही सुपुर्दगी में सौंप कर पंचनामा भर बनाया गया।
गौरतलब है कि जिस आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का संशोधन केवल आधार संशोधन केंद्र पर तथा बिना वैध दस्तावेजों के नहीं किया जा सकता तो आखिर आना जाना ऑनलाइन सेवा केंद्र का संचालक किस प्रकार लोगों के आधार में परिवर्तन हजारों रुपए की ठगी करता था सूत्रों की माने तो इस फर्जी आधार केंद्र के संचालक का नेटवर्क सिस्टम से जुड़े लोगों के साथ है जो किसी भी प्रकार के संशोधन में मदद करता है
अनपढ़ और आदिवासी ने से करते हैं ठगी
साथ ही देवांश ने सैकड़ों गरीब ,अनपढ़ , और कमजोर वर्ग के लोगों के आधार में स्वयं का या परिवार के सदस्य या सहयोगी का मोबाइल नंबर आधार से लिंक कर रखा है जिससे इसी के केंद्र पर उन लोगों का आधार संशोधित किया जाता है जिससे वह मौके का फायदा उठाकर फिंगर डिवाइस के माध्यम से अनपढ़ ,आदिवासी और कमजोर वर्ग के लोगों को अपना शिकार बनाकर बैंक के खातों में भी हेरा फेरी करता है जो आधार केंद्र शासन द्वारा चंदेरी में स्थापित किए गए हैं उनमें से कुछ आधार केंद्रों के संचालकों की सांठगांठ एवं हिस्सेदारी के चलते लोगों के साथ हजारों रुपए की ठगी इस ऑनलाइन सेवा केंद्र के संचालक द्वारा की जाती रही है
फर्जी ऑनलाइन केंद्र नहीं होती कार्रवाई
यदि इस आधार केंद्र के संचालक एवं उसके परिवार के नाम से जारी मोबाइल नंबरों की जांच की जाए तो एक बड़े नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों का खुलासा हो सकेगा इसके पूर्व में कई शिकायते थाना चंदेरी सहित प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची है किंतु किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने आज तक इस फर्जी ऑनलाइन केंद्र के संचालक पर नियम अनुसार कार्यवाही नहीं की है। अब देखना यह होगा कि प्रशानिक अधिकारी इस बड़े नेटवर्क का खुलासा कर संबंधित सहित सहयोगियों पर कारवाही कर पाते हैं या नहीं यह विचारणीय है।
चंदेरी SDM मनीष धनगर का कहना -
एसडीएम चंदेरी, मनीष धनगर पीड़ित महिला के आवेदन पर मिली शिकायत के आधार पर जांच दल भेज कर मशीनरी को शील किया गया है बिना वैध शासकीय अनुमति के यह किस प्रकार आधार में संशोधन करता था और यह बहुत बड़ा साइबर क्राइम भी है हमारे द्वारा तकनीकी विशेषज्ञों से राय लेकर यह जांच की जा रही है कि आखिर यह कैसे और किसके माध्यम से आधार में संशोधन करता था जो भी जांच में बिंदु सामने आएंगे उनके आधार पर विधिसंगत सख्त से सख्त कारवाही की जाएगी।







