MP BJP: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद सूबे की सियासत का अब तक का सबसे बड़ा और हैरान करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। कद्दावर भाजपा नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के विरोध में दतिया भाजपा के अंदर बगावत हो गई है। टिकट कटने से भड़के भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सरण सहित जिले के तमाम छोटे-बड़े पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, दतिया नगर पालिका के सभी भाजपा पार्षदों ने भी सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है, जिससे चुनाव से ठीक पहले स्थानीय स्तर पर पार्टी पूरी तरह से संगठन विहीन स्थिति में पहुंच गई है।
दतिया और डबरा पूरी तरह बंद
नरोत्तम मिश्रा को दोबारा उम्मीदवार न बनाए जाने से नाराज कार्यकर्ताओं और स्थानीय व्यापारियों का आक्रोश चरम पर है। पूर्व गृह मंत्री के समर्थन में दतिया के स्थानीय व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान और बाजार पूरी तरह बंद कर दिए हैं। दतिया और डबरा में हजारों की संख्या में आक्रोशित कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। जगह-जगह मुख्य मार्गों पर चक्काजाम कर दिया गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है।
भाजपा दफ्तर का घेराव
दतिया स्थित जिला भाजपा कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं ने डेरा डाल दिया है और केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया जा रहा है। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि दतिया विधानसभा सीट पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा का कोई विकल्प नहीं है। नरोत्तम मिश्रा दतिया से लगातार चार बार विधायक रह चुके हैं और उन्होंने दतिया के विकास को फर्श से अर्श तक पहुंचाने का काम किया है। ऐसे उपचुनाव में उनका टिकट काटना क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं का अपमान है।
प्रदेश भाजपा परेशान
दतिया और डबरा से उठी बगावत की इस प्रचंड लहर ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक के शीर्ष नेतृत्व को हैरान-परेशान कर दिया है। चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले संगठन के इस तरह ताश के पत्तों की तरह बिखरने से भाजपा के रणनीतिकारों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं।








