राकेश यादव, सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के शासकीय स्कूल परिसर को कथित तौर पर निजी खलिहान में बदल गया है। मामला जिला शिक्षा केंद्र सिवनी के संकुल केंद्र बंडोल के अंतर्गत आने वाली शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला झिलमिली का है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों से पढ़ाई कराने के बजाय मक्का उठवाने का काम कराया जा रहा है।
मैदान में सुखाया जा रहा शिक्षक का मक्का
सामने आई जानकारी के मुताबिक, स्कूल परिसर के खेल मैदान में किसी शिक्षक का मक्का सुखाने के लिए फैलाया गया है। आरोप है कि संबंधित शिक्षक द्वारा बच्चों की शिक्षा और भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उनसे स्कूल समय में मक्का समेटने और बोरियों में भरने जैसे श्रम के कार्य कराए जा रहे हैं। वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूली गणवेश (यूनिफॉर्म) पहने मासूम बच्चे मैदान में फैले हुए मक्के को अपने नन्हें हाथों से समेट रहे हैं। शिक्षा के इस पवित्र स्थल पर इस तरह की मनमानी और लापरवाही ने विभाग के दावों की पोल खोल दी है।
अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश
इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों के अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर सरकार स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर शिक्षकों की ऐसी हरकतें नौनिहालों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही हैं। घटना के तूल पकड़ने के बाद अब लोग शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि इस गैर-जिम्मेदाराना काम में शामिल दोषी शिक्षक की जल्द से जल्द पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।







