सबहेड:--शुभारंभ में तिलक और स्वागत, मगर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत पर उठने लगे सवाल
सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी --जिले के सलैया पटोरी में आधुनिक साइलो केंद्र का शुभारंभ तो कर दिया गया, लेकिन इसके साथ ही व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल भी खड़े होने लगे हैं। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशन में शुरू हुए इस केंद्र पर किसानों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, परंतु किसानों की असली चिंताएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं।जिला प्रशासन द्वारा 22 उपार्जन केन्द्रों को इस साइलो केंद्र से जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जिससे व्यवस्था को बेहतर बनाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन स्थानीय किसानों का कहना है कि इतने बड़े क्षेत्र के केन्द्रों को एक ही साइलो से जोड़ना भविष्य में भीड़ और अव्यवस्था को जन्म दे सकता है।कई किसानों ने आशंका जताई है कि परिवहन दूरी बढ़ने से लागत और समय दोनों में वृद्धि होगी, जबकि अब तक इस पर कोई स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई है। वहीं, कुछ किसानों ने यह भी कहा कि साइलो जैसी आधुनिक व्यवस्था का लाभ तभी मिलेगा जब भुगतान समय पर और बिना किसी तकनीकी बाधा के किया जाए।हालांकि प्रशासन का दावा है कि साइलो प्रणाली से भंडारण सुरक्षित होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन पूर्व के अनुभवों को देखते हुए किसान आशंकित हैं। पहले भी कई उपार्जन केन्द्रों पर तौल, भुगतान और परिवहन में देरी जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह साइलो केंद्र वास्तव में किसानों की समस्याओं का समाधान बन पाएगा या फिर यह भी कागजों तक सीमित एक और योजना साबित होगी—इसका जवाब आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगा।







