MP Bjp Politics: दतिया चुनाव के नतीजों और हाल ही में दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से हुई बैठकों के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के अंदर सियासी हलचल तेज़ हो गई है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर और उसके बाद भोपाल में कुछ बड़े भाजपा नेताओं के बीच एक-दूसरे के आवासों पर मुलाकातों का दौर लगातार जारी है, जिससे कई राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।
बैठकों का सिलसिला और अंदरूनी सुगबुगाहट
बीते रविवार को भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह तोमर के बीच अहम मुलाकात हुई। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान और हेमंत खंडेलवाल की बैठक भी चर्चा का विषय बनी रही। सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिल्ली में आलाकमान के साथ हुई बैठकों के बाद प्रदेश के नेता आपस में आगामी प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों को टटोलने का प्रयास कर रहे हैं। इन लगातार मुलाकातों को केवल औपचारिक या शिष्टाचार भेंट के रूप में नहीं, बल्कि आगामी रणनीतिक बदलावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
बड़े बदलाव की ओर इशारा!
भाजपा के अंदर राज्य के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी विचार-विमर्श चल रहा है। पार्टी के सामने OBC और सवर्ण वर्ग के बीच राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती पर लगातार चर्चा हो रही है। उपचुनावों के नतीजों और जमीनी फीडबैक के आधार पर पार्टी नेतृत्व आगामी रणनीतियों को नए सिरे से गढ़ने में लगा हुआ है। ऐसे में प्रदेश भाजपा के दिग्गजों की यह सक्रियता किसी बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन बैठकों के बाद केंद्रीय व राज्य नेतृत्व क्या कदम उठाता है।







