सिवनी। जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कामता में आयोजित ग्राम सभा उस समय विवादों में घिर गई, जब ग्रामीणों ने पंचायत के विकास कार्यों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों का हिसाब मांगने पर सरपंच और उनके पति ने अभद्र व्यवहार किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
विकास कार्यों पर ग्रामीणों ने मांगा जवाब
ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने पंचायत में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी मांगी। इनमें करीब ₹5 लाख की अनुमानित लागत से बन रही बाउंड्री वॉल, स्टॉप डैम के गेट और नल-जल योजना की वर्तमान स्थिति से जुड़े सवाल प्रमुख रहे। ग्रामीणों का कहना है कि इन कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और खर्च को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
सरपंच और पति पर अभद्रता का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही इन जनहित के मुद्दों पर सरपंच मानवती चंद्रवंशी और उनके पति पूरन लाल चंद्रवंशी से सवाल पूछे गए, दोनों नाराज हो गए। आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया और उनकी बातों को दबाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है और जब भी कोई नागरिक जानकारी या पारदर्शिता की मांग करता है, तो उसे डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है।
जनसुनवाई में कलेक्टर से जांच की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर ग्राम पंचायत कामता में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो बनाने वाले युवक को थाने ले जाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की बैठक के दौरान वीडियो रिकॉर्ड करने वाले विशाल कुशराम को झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से थाने में आवेदन दिया गया। इसके बाद कान्हीवाड़ा पुलिस ने विशाल कुशराम को थाने में बैठाया। हालांकि, बड़ी संख्या में ग्रामीणों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
बैठक में ये ग्रामीण रहे मौजूद
ग्राम सभा के दौरान विशाल कुशराम, रामकिशोर यादव, पुनाराम यादव, देवी चंद्रवंशी, गोवर्धन कुर्वेति, अनिल श्रीवास्तव, विकास कुर्वेति, दादू बरमैया, सुरेंद्र भलावी और सुरेंद्र वीक सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच चुका है। ग्रामीण निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।







