शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/डिंडौरी। जिले के गाड़ासरई क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता ने कई जिंदगियां बचा लीं। तेज रफ्तार बस की लापरवाही के कारण एक यात्री ऑटो दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
ओवरटेक के चक्कर में पलटा ऑटो
जानकारी के अनुसार, ग्राम बेनीवारी नरदहा के ग्रामीण ऑटो में सवार होकर कोडिया की ओर जा रहे थे। बरगांव के समीप गाड़ासरई से डिंडौरी जा रही एक अनियंत्रित बस ने ओवरटेक करने की कोशिश में ऑटो को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो हवा में उछलकर सड़क किनारे जा गिरा। हादसे के तुरंत बाद बस चालक मौके से फरार हो गया।
मसीहा बने एसडीएम और एसडीओपी
उसी दौरान बजाग एसडीएम रामबाबू देवांगन और एसडीओपी विवेक गौतम अपने शासकीय वाहन से डिंडौरी लौट रहे थे। चीख-पुकार सुनकर अधिकारियों ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। एम्बुलेंस का इंतजार कर समय बर्बाद करने के बजाय, उन्होंने लहूलुहान घायलों को अपनी ही गाड़ी में बैठाया और गाड़ासरई स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
घायलों की स्थिति और कुदरत का करिश्मा
हादसे में सूरजमति (7 वर्ष), तितरी बाई (48 वर्ष), भान सिंह आरमो और कुंती बाई यादव (30 वर्ष) को गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इस विनाशकारी टक्कर के बीच 10 महीने की मासूम शिवानी यादव पूरी तरह सुरक्षित रही, जिसे लोगों ने ईश्वर का चमत्कार बताया।
तत्परता की सराहना और पुलिस कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब एसडीएम रामबाबू देवांगन ने संकट के समय मदद की हो। इससे पहले भी वे एक बाइक हादसे में घायलों की जान बचा चुके हैं। इधर, गाड़ासरई पुलिस ने अज्ञात बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर बेलगाम दौड़ती बसों की रफ्तार पर अंकुश लगाया जाए।







