MP Janardan Mishra: सामान्य ज्ञान की हर किताब और देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था। लेकिन रीवा से भाजपा के सांसद जनार्दन मिश्रा ने इतिहास को ही बदल डाला। सांसद महोदय के मुताबिक भारत को आजादी साल 1947 में नहीं बल्कि साल 1952 में मिली थी। भले ही इसे सांसद जी की जुबान फिसलना माना जाए, लेकिन उनके इस नए इतिहास ज्ञान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, मीडिया ने सांसद जनार्दन मिश्रा से क्षेत्र की रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन को लेकर सवाल पूछा था कि आखिर इस रूट पर ट्रेन कब तक दौड़ना शुरू होगी? इस सवाल पर सांसद महोदय अपने विकास कार्यों को गिनाने के मूड में आ गए। उन्होंने जोश में कहा, यह मांग तो आजादी के समय से चली आ रही है, जब 1952 में देश आजाद हुआ…। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा ठोका कि उनके प्रयासों से इस रेल लाइन का सर्वे पूरा हो चुका है।
आप लोग फालतू बात करते हो
ट्रेन की लेटलतीफी और सालों से सर्वे के नाम पर अटकी फाइलों को लेकर जब पत्रकारों ने सवाल दागने शुरू किए, तो सांसद जी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने संयम खोते हुए कैमरों के सामने पत्रकारों को ही डांट दिया और कहा आप लोग फालतू बात करते हो।
सियासी गलियारों में चुटकियां
राजनैतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी के कई नेता अक्सर यह दावा करते हैं कि देश को असली आजादी साल 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद मिली है। इस रेस में रीवा सांसद 2014 से थोड़ा पीछे तो लौटे, लेकिन इतिहास की पटरी पर दौड़ते हुए वे 1947 के स्टेशन पर रुकना भूल गए और सीधे 1952 पर जाकर ब्रेक लगाया।







