रीवा, गुढ़ | अरविन्द तिवारी। खबर डिजिटल- रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद हालात बेकाबू हो गए। नेशनल हाईवे 39 पर ऑटो और यूपी पासिंग स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर में गणेश शंकर पाण्डेय (निवासी पकरा, थाना गुढ़) की मौके पर मौत हो गई, जबकि 4–5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद आक्रोशित भीड़ ने गुढ़ स्थित चिरहुला नाथ फिलिंग स्टेशन को निशाना बना लिया। पेट्रोल पंप पर जमकर तोड़फोड़ की गई, कर्मचारियों से मारपीट की गई और लाखों रुपये के नुकसान का आरोप लगाया गया है। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद बताई जा रही है।
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पेट्रोल पंप संचालक ने पत्रकार वार्ता में आदर्श पांडे सहित दो अन्य लोगों पर मारपीट, अभद्रता और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। संचालक का कहना है कि पुलिस सीधे तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय सड़क जाम करने वाले 11 लोगों के नाम एफआईआर में शामिल करने की शर्त रख रही है। उनका आरोप है कि जब तक इन नामों को नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
इस शर्त को लेकर अब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। प्रबंधन का कहना है कि जिन लोगों ने पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ की, उनके खिलाफ नामजद कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले ने कानून-व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि क्या सड़क हादसे का गुस्सा कानून हाथ में लेने का आधार बन सकता है, और क्या एफआईआर दर्ज करने की शर्तें न्याय प्रक्रिया को और उलझा रही हैं?
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