छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक परेशानी की खबर सामने आई है. जिले के दिवान झिटिया गांव में एक साथ 130 भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है. इतने बड़े स्तर पर हुए इस्तीफों ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और इसे भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. सभी कार्यकर्ताओं ने अपना इस्तीफा पूर्व सांसद Abhishek Singh को सौंपा है.
सोलर प्लांट को लेकर लंबा विवाद
बताया जा रहा है कि गांव में प्रस्तावित सोलर प्लांट को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती गई. भाजपा से जुड़े लोगों का आरोप है कि सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनी को नियमों के खिलाफ एनओसी दी गई. उन्होंने इस मामले को पार्टी और प्रशासन दोनों के सामने उठाया था, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इससे नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया.
इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं ने क्या कहा
इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि गांव और किसानों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही थी. उनका आरोप है कि स्थानीय लोगों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया. इसी वजह से उन्होंने सामूहिक रूप से भाजपा से दूरी बना ली. गांव में इस फैसले को लेकर लगातार चर्चा हो रही है और लोग इसे इलाके की राजनीति में बड़ा बदलाव मान रहे हैं.
कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़ना भाजपा के लिए नुकसानदायक
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़ना भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इससे आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति के समीकरण भी बदल सकते हैं. स्थानीय स्तर पर संगठन को इसका असर झेलना पड़ सकता है. गौरतलब है कि इससे पहले कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक में भी विकास कार्यों के लिए फंड जारी नहीं होने से नाराज 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने इस्तीफा दिया था. अब राजनांदगांव में भाजपा कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है.
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