घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. अब जिन घरों में पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन चालू हो चुका है, उन्हें अपना एलपीजी गैस कनेक्शन 30 दिनों के भीतर सरेंडर करना होगा. इस फैसले को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और संबंधित विभाग ने इसे लागू करने की तैयारी भी शुरू कर दी है.दरअसल, पिछले कुछ महीनों से कई शहरों में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर परेशानी बढ़ रही थी. इसके बावजूद जिन परिवारों के पास पहले से पीएनजी सुविधा मौजूद थी, वे लोग भी सुरक्षा के तौर पर एलपीजी सिलेंडर भरवाकर घर में रख रहे थे. इससे गैस सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ गई और कई इलाकों में सप्लाई प्रभावित होने लगी.
पीएनजी कनेक्शन को नहीं मिलेगा एलपीजी कनेक्शन
इंदौर में हालात ऐसे बन गए कि पैनिक बुकिंग तेजी से बढ़ने लगी. इसी समस्या को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है. अधिकारियों के मुताबिक, नए नियम के तहत पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद उपभोक्ता नियमित रूप से एलपीजी सिलेंडर की रिफिल नहीं करवा पाएंगे. साथ ही उन्हें 30 दिन के अंदर एलपीजी कनेक्शन बंद कराने के लिए आवेदन भी देना होगा.
गैस सिलेंडरों की अनावश्यक स्टॉकिंग पर रोक लगेगी
विभाग का कहना है कि इस फैसले से गैस सिलेंडरों की अनावश्यक स्टॉकिंग पर रोक लगेगी और जिन लोगों को वास्तव में एलपीजी की जरूरत है, उन्हें समय पर सिलेंडर मिल सकेंगे. आने वाले समय में शहरों में पीएनजी नेटवर्क को और तेजी से बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है. ऐसे में दोहरी गैस सुविधा रखने वाले उपभोक्ताओं पर निगरानी रखी जाएगी ताकि नियमों का सही तरीके से पालन हो सके.
कैसे शुरू करवा सकते हैं नया गैस सिलेंडर
हालांकि, सरकार ने उन लोगों के लिए भी व्यवस्था रखी है जो भविष्य में ऐसे इलाके में शिफ्ट हो जाते हैं जहां पीएनजी की सुविधा उपलब्ध नहीं है. ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को ट्रांसफर सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इसकी मदद से वे दोबारा एलपीजी कनेक्शन शुरू करवा सकेंगे और गैस सिलेंडर हासिल कर पाएंगे.अगर कोई नया एलपीजी कनेक्शन लेना चाहता है तो वह ऑनलाइन या गैस एजेंसी के जरिए आवेदन कर सकता है. सामान्य कनेक्शन लेने में करीब 2500 से 3500 रुपये तक का खर्च आता है. वहीं पात्र लोगों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन भी दिया जाता है.
ये डॉक्यूमेंट हैं जरूरी
एलपीजी कनेक्शन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान पत्र जरूरी होते हैं. निवास प्रमाण के तौर पर राशन कार्ड, बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट या आधार कार्ड लगाया जा सकता है. इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाते की जानकारी भी देनी होती है ताकि सब्सिडी का लाभ मिल सके.
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