पटना, /मुजफ्फरपुर/खबर डिजिटल/ अजीत रेनू / Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर के पॉश इलाके में रविवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से सन्नाटा टूट गया। छोटी कल्याणी से सटे अमर सिनेमा रोड स्थित Icon Tower में अपराधियों ने कुख्यात शार्पशूटर गोविंद को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियों से भून दिया। 18 राउंड से ज्यादा फायरिंग कर हत्या को अंजाम देने के बाद हमलावर हथियार लहराते आराम से फरार हो गए।
घटना के बाद शहर में पुलिस अलर्ट मोड पर है।घटना रात करीब 9 बजे की है। गोविंद जैसे ही फ्लैट की सीढ़ियां चढ़ रहा था, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपार्टमेंट के गार्ड रामानंद सिंह के मुताबिक, गोविंद ने भागकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने उसे सीढ़ियों पर ही घेरकर कई गोलियां मारीं। गोलियों की आवाज सुनते ही दुकानें बंद हो गईं और लोग दहशत में घरों में घुस गए।
9MM पिस्तौल के खोखे बरामद, रेकी के बाद हत्या
पुलिस ने मौके से 9MM कारतूसों के 16-18 खोखे बरामद किए हैं। इससे साफ है कि हत्या में अत्याधुनिक पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ। एसएसपी के निर्देश पर FSL और डॉग स्क्वायड टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। पुलिस का मानना है कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश थी। पिछले कई दिनों से पेशेवर शूटरों ने गोविंद की रेकी कर रखी थी और सटीक मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया।
पुराने हाई प्रोफाइल केसों का गवाह था गोविंद
सूत्रों के मुताबिक, गोविंद का नाम मुजफ्फरपुर में पिछले कुछ सालों में हुए कई हाई प्रोफाइल मर्डर केसों में सामने आया था। पुलिस की फाइलों में वो शार्पशूटर के तौर पर दर्ज था। ऐसे में उसकी हत्या को महज गैंगवार नहीं, बल्कि "सबूत मिटाने" की साजिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गोविंद को ठिकाने लगाकर उन लोगों ने खुद को बचाने की कोशिश की है जिन्होंने उससे पहले के कांड करवाए थे। अब गोविंद के मरने से उन केसों की कड़ियां कमजोर पड़ सकती हैं। घटना के बाद शहर के सियासी और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज है। SSP ने पूरे शहर में नाकेबंदी कराई है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि गोविंद को किसके इशारे पर मारा गया।







