NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश में इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े और आधुनिक इंतजाम किए जा रहे हैं. पिछली परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक, नकल गिरोह और अफवाहों की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार कोई भी ढील न देने का फैसला किया है. परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए अब साइबर स्तर पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है. इसके तहत साइबर कमांडो की मदद ली जाएगी, जो पूरे सिस्टम पर नजर रखेंगे.
NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश तैयार
मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. इस बार प्रदेश के 30 जिलों में कुल 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है.
परीक्षा को ऐसे रखा जाएगी सुरक्षित
परीक्षा को हाईटेक निगरानी में रखने के लिए 38 साइबर कमांडो की विशेष टीम तैयार की गई है. इन कमांडो को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म और नेटवर्क गतिविधियों पर नजर रख सकें. ये टीम CCTV कैमरों की मॉनिटरिंग, तय दिशा-निर्देशों के पालन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर नियंत्रण और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी देने जैसे काम करेगी.
डीजीपी कर रहे हैं बैठक
डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर तैयारियों की समीक्षा भी की. उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा से 72 घंटे पहले हर जिले में कलेक्टर और एसपी खुद मैदान में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें. इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है.खासतौर पर चंबल रेंज और सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर प्रशासन ज्यादा सतर्क है. इन इलाकों में पहले भी कुछ संदिग्ध गतिविधियों की आशंका रही है, इसलिए यहां अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी. सीमा से जुड़े जिलों में पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने और बाहरी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. कुल मिलाकर इस बार NEET UG 2026 परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. तकनीक और मानव संसाधन दोनों का इस्तेमाल करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर अभ्यर्थी को निष्पक्ष माहौल में परीक्षा देने का मौका मिले और किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे.
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