घंसौर (सिवनी)/मनोज नामदेव/खबर डिजिटल/ संत मारकंडे सन्यास आश्रम ओंकारेश्वर के महामंडलेश्वर 1008 श्री प्रणवानंद जी महाराज नर्मदा परिक्रमा पर निकले हुए हैं, उनके साथ सैकड़ों यात्री मां नर्मदा की आराधना में लीन है, वो लगातार ठंड के मौसम में एक दिन में बीस से तीस किलोमीटर की परिक्रमा पूरी कर अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रुक रहे हैं। इस दौरान उन्हें महाराश्री के प्रवचनों का लाभ भी मिल रहा है।
मां रेवा सेवा समिति का सेवा कार्य
नर्मदा परिक्रमा पथ के दाएं तट पर बसा हुआ नगर कहानी समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से अनवरत रूप से मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले भक्तों की सेवा करते हैं, रुकने की व्यवस्था, भोजन प्रसादी की संपूर्ण व्यवस्था मां रेवा सेवा समिति के माध्यम से की जाती है। दिनांक 27 नवंबर को इस परिक्रमा मार्ग से गुजरने वाले संत मारकंडे संन्यास आश्रम ओंकारेश्वर के महामंडलेश्वर 1008 श्री प्रणवानंद जी महाराज लगभग 200 परिक्रमावासियों के साथ नगर कहानी में अपनी परिक्रमा यात्रा के दौरान रुके और आशीर्वाद वचनों का अर्चन कराया।
महाराजश्री का फूल मालाओं से किया स्वागत
जहां पर नगर वासियों ने ढोल नगाड़ों फूल मालाओं के साथ संत जी महाराज एवं परिक्रमा वासी का स्वागत अभिनंदन किया, उसके बाद महाराज जी के द्वारा मंच में उपस्थित होकर अपने मुखारविंद से मां नर्मदा के चरित्र का बखान भक्तों तक पहुंचाया गया, सभी भक्तों के लिए सेवा समिति के द्वारा संपूर्ण भंडारा प्रसादी की व्यवस्था की गई थी, ऐसे ही सभी परिक्रमावासी भक्तों का स्वागत सत्कार एवं उनकी संपूर्ण व्यवस्था मां नर्मदा सेवा समिति के माध्यम से की जाती है।







