मध्य प्रदेश से मानसून की रवानगी के साथ ही झमाझम बारिश का दौर अब थमने लगा है. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार आगामी चार दिनों तक राज्य के किसी भी जिले में मूसलाधार या अति भारी बारिश होने की कोई संभावना नहीं है. हालांकि सोमवार को पूरे प्रदेश में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. इस दौरान सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है. बारिश की कमी के बीच आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है, जिससे प्रदेशवासियों को एक बार फिर उमस और गर्मी का अहसास होगा.
पूर्वी इलाकों में झूमकर बरसे बादल, पश्चिमी MP में मानसून रहा कमजोर
मानसून सीजन के बारिश आंकड़ों पर गौर करें तो 1 जून से लेकर 28 सितंबर तक पूरे मध्य प्रदेश में औसतन 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है. हालांकि राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का रुझान बिल्कुल अलग नजर आया. पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में मानसून ज्यादा मेहरबान रहा और वहां दीर्घावधि औसत से 4 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई. इसके विपरीत पश्चिमी मध्य प्रदेश के इलाके थोड़े सूखे रह गए, जहां सामान्य के मुकाबले 11 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड हुई है.
ग्वालियर-जबलपुर में बौछारें, रीवा और शहडोल में तेजी से चढ़ा पारा
पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर और जबलपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की-फुल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि बाकी के ज्यादातर संभागों में मौसम शुष्क बना रहा. इस अवधि में तापमान में भी अच्छा-खासा उछाल देखने को मिला है. ग्वालियर और जबलपुर संभाग में पारा 3.4 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा. वहीं रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में दिन का तापमान 5 से 6.3 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया. मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम और तेज हवाओं के दौरान खुले में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें







