मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर सरकार ने अहम पहल की है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस विषय पर अध्ययन और परीक्षण के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. इस समिति का उद्देश्य राज्य में लागू विभिन्न व्यक्तिगत और पारिवारिक कानूनों की समीक्षा कर एक संतुलित और व्यावहारिक ढांचा तैयार करना है.
UCC को लेकर सरकार का पहल
अभी प्रदेश में विवाह, तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार जैसे कई मुद्दे अलग-अलग कानूनों के तहत संचालित होते हैं. अलग-अलग प्रावधानों के कारण कई बार कानूनी प्रक्रिया जटिल हो जाती है और समानता का प्रश्न भी सामने आता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महसूस किया कि इन सभी व्यवस्थाओं का व्यापक अध्ययन कर एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जो सभी नागरिकों के लिए समान, स्पष्ट और न्यायसंगत हो.इस दिशा में गठित समिति को कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का गहराई से अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है. समिति राज्य में प्रचलित विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों की समीक्षा करेगी और यह देखेगी कि किस तरह एक समान नागरिक संहिता लागू की जा सकती है, जो व्यावहारिक भी हो और सामाजिक रूप से स्वीकार्य भी.
रंजना प्रसाद देसाई करेंगी अध्यक्षता
इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रसाद देसाई करेंगी. उनके साथ पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, विधि विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया को सदस्य बनाया गया है. यह टीम अपने-अपने अनुभव के आधार पर सुझाव तैयार करेगी. समिति का काम केवल राज्य के मौजूदा कानूनों तक सीमित नहीं रहेगा. यह अन्य राज्यों में अपनाए गए मॉडल का भी अध्ययन करेगी, खासतौर पर उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों के अनुभवों को परखेगी. इसके साथ ही राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित और व्यवहारिक सुझाव तैयार किया जाएगा.
नागरिकों के बीच समानता को मजबूती मिलेगी
सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश में कानूनों की स्पष्टता बढ़ेगी और नागरिकों के बीच समानता को मजबूती मिलेगी. साथ ही, न्याय प्रक्रिया को सरल बनाने में भी मदद मिल सकती है. समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी, जिससे भविष्य में एक व्यापक और संतुलित नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके.
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