मध्यप्रदेश में साल 2026 के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने की तैयारी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकेत मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग यानी GAD इसका मसौदा तैयार कर रहा है. माना जा रहा है कि अप्रैल के आखिरी दिनों में इस प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है.
इनके नहीं होंगे तबादले
नई नीति के अनुसार 15 मई के बाद तबादलों की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इस बार सभी ट्रांसफर ऑर्डर ऑनलाइन जारी किए जाएंगे. नियमों के तहत किसी भी संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे. राज्य स्तर के प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के तबादले समन्वय प्रक्रिया के जरिए मुख्यमंत्री की मंजूरी से होंगे, जबकि अन्य अधिकारियों के तबादले संबंधित विभागीय मंत्रियों के निर्णय के अनुसार किए जाएंगे. जिन अधिकारी या कर्मचारी एक ही जगह पर तीन साल से ज्यादा समय से पदस्थ हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर किया जाएगा. वहीं कुछ कर्मचारियों के तबादलों पर फिलहाल रोक भी रहेगी. सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, जो अधिकारी और कर्मचारी जनगणना कार्य में लगे हुए हैं, उनका ट्रांसफर अभी नहीं किया जाएगा. इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं. यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, जब तक जनगणना का काम पूरा नहीं हो जाता.
1 मई से होगी जनगणना
बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में 1 मई से जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. हर जिले में करीब 15 से 20 प्रतिशत कर्मचारियों को इस कार्य में लगाया गया है. यह पूरी तरह समयबद्ध काम है और केंद्र सरकार इसकी लगातार निगरानी करती है. ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार मानी जाएगी. यही वजह है कि जनगणना में लगे कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाई गई है. हालांकि सरकार इन कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था पर भी विचार कर रही है.
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