मध्यप्रदेश के तीन पुलिस अधिकारियों के लिए अब बड़ी जिम्मेदारी संभालने का रास्ता खुलता नजर आ रहा है. राज्य पुलिस सेवा के इन अफसरों को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी CAT से राहत मिली है, जिससे उनका आईपीएस कैडर में जाने का रास्ता आसान हो गया है. जबलपुर स्थित CAT की खंडपीठ ने उनके पक्ष में अंतरिम आदेश जारी किया है.
जानकारी के अनुसार, जबलपुर में पदस्थ एडिशनल एसपी जितेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह तोमर और महेश कुमार वैश्य ने इस मामले में याचिका दायर की थी. तीनों अधिकारियों ने बताया कि वे 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं, लेकिन 56 साल की आयु सीमा पार होने के कारण उन्हें आईपीएस में शामिल होने के अवसर से वंचित किया जा रहा है.
अधिकारियों का कहना था कि आयु सीमा पार होने के लिए वे खुद जिम्मेदार नहीं हैं. दरअसल केंद्र और राज्य सरकार द्वारा हर पांच साल में होने वाला कैडर रिव्यू समय पर नहीं किया गया. इसी देरी की वजह से वे तय उम्र सीमा से आगे निकल गए और उनका दावा कमजोर हो गया.
इस मामले में सुनवाई के बाद CAT ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. अधिकरण ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है और इन अधिकारियों के आईपीएस कैडर में शामिल किए जाने के दावे पर विचार करने के निर्देश दिए हैं.
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