MP Public Transport Bus Service: एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (25 सिंतबर) पर मध्यप्रदेश सरकार बीते 21 साल से बंद लोक परिवहन बस सेवा पुन: शुरू करने जा रही है। ये बसें देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों और महानगरों तक जाने के लिए भी यातायात सुगम और सुविधाजन बनाएंगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह एक आधुनिक और यूनिक मॉडल होगा, जिसमें ई-बसों सहित विभिन्न प्रकार की बस सेवाओं को चरणबद्ध रूप से हर नगर और हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टॉप, बस स्टैंड और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के साथ बेहतर कंट्रोलिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। सिटी बसों से लेकर राज्य के भीतर और दूसरे राज्यों के लिए लग्जरी बस सेवाएं भी शीघ्र शुरू होंगी। इससे प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन सुगम हो जाएगा।
7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी
MP Mukhyamantri Sugam Parivahan Seva मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं।
शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें जिसमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, भोपाल में 106 बसें जिसमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें जिसमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी, रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।
हर साल बढ़ाई जाएंगी 2,500 से 3,000 बसें
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत वर्ष 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पहले वर्ष यह लक्ष्य 1,500 बसों के संचालन का होगा। इसके बाद प्रतिवर्ष लगभग 2,500 से 3,000 बसें बढ़ाई जाएंगी।
पीपीपी मॉडल पर होगा बसों का संचालन
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। ये बसें आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगी और सुरक्षा की दृष्टि से अनुकूल रहेंगी। जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी।
इस मॉडल अंतर्गत निजी बस ऑपरेटरों को विज्ञापन एवं कार्गो सेवाओं जैसे नॉन-फेयर रेवेन्यू से आय बढ़ाने के साथ ही आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाओं का उपयोग करने के अवसर मिलेंगे। बस संचालन को प्रभावी और सुचारु बनाने के लिए निजी ऑपरेटरों को प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में शामिल होंगे ये विशिष्ट अतिथि
शुभारंभ कार्यक्रम में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, प्रभारी मंत्री भोपाल चैतन्य काश्यप, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, विधायक हुजूर रामेश्वर शर्मा, विधायक बैरसिया विष्णु खत्री, विधायक दक्षिण-पश्चिम भगवान दास सबनानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिक व अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की विशेषताएं
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन और समयबद्धता की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
मध्यप्रदेश यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेडएवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां से बसों की निगरानी की जाएगी।
यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सर्विलांस के लिए हर बस में सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल रहेगा।
आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए बसों में पैनिक बटन की सुविधा होगी।
व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से प्रत्येक बस की लाइव लोकेशन की जानकारी उपलब्ध होगी।
यात्रियों को बस के संचालन एवं यात्रा से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पैसेंजर इनफॉरमेशन सिस्टम की सुविधा दी गई है।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के अनुरूप बस चालकों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया जाएगा।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के माध्यम से निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आधुनिक तकनीक, निगरानी प्रणाली और सुरक्षा सुविधाओं के माध्यम से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी एवं समयबद्ध परिवहन सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।







