भोपाल/उज्जैन. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क ई-साइकिलें वितरित कीं. यह पहल सीएसआर फंड के माध्यम से की गई, जिसके तहत 40 महिलाओं को ई-साइकिलें सौंपी गईं. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश सरकार भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.
महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क ई-साइकिलें वितरित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों के जीवन में सुख, समृद्धि और आत्मविश्वास बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि आज के समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बेहतर और किफायती विकल्प बनकर सामने आया है. उनका कहना था कि महिलाओं को मिली ये ई-साइकिलें न केवल सुविधा देंगी बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत भी बनाएंगी. डॉ. यादव ने ई-साइकिल उपलब्ध कराने वाली कंपनी के प्रयासों की सराहना की और लाभ पाने वाली महिलाओं को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत से जुड़े ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करती रहेगी.
जल संरक्षण अभियान का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने इस दौरान जल संरक्षण अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लगातार तीसरे वर्ष जल संवर्धन के बड़े अभियान पर काम कर रही है. गुड़ी पड़वा से शुरू हुए जल गंगा संरक्षण महाभियान के तहत 30 जून तक प्रदेशभर में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से दो लाख से ज्यादा विकास कार्य किए जा रहे हैं. इनमें नदियों, तालाबों, कुओं, बावड़ियों और पोखरों के जीर्णोद्धार जैसे काम शामिल हैं. साथ ही प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों पर जल संरक्षण के लिए विशेष गतिविधियां चलाई जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश में पहला स्थान मिलना प्रदेशवासियों की मेहनत और जागरूकता का परिणाम है. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने धार स्थित भोजशाला का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि हाल ही में गंगा दशहरा उत्सव वहां उत्साह के साथ मनाया गया. भोजशाला मामले में आए हाईकोर्ट के फैसले का सभी समुदायों ने सम्मान किया है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर लोगों की राय भिन्न हो सकती है, लेकिन न्यायालय का निर्णय सर्वोपरि होता है और राज्य सरकार अदालत के आदेशों को पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू कर रही है.
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