डेस्क। मध्यप्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग ने प्रदेश के करीब 6,500 संविदा बिजली कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। विभाग ने नियमित (परमानेंट) पदों पर नियुक्ति के लिए नई योजना लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत पात्र संविदा कर्मचारियों को परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ वरिष्ठता के आधार पर बोनस अंक जोड़कर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। खास बात यह है कि इस परीक्षा में शामिल होने का सिर्फ एक ही मौका मिलेगा।
इन बिजली कंपनियों के कर्मचारी होंगे पात्र
ऊर्जा विभाग के आदेश के अनुसार इस योजना का लाभ मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत पात्र संविदा कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) को इस योजना से बाहर रखा गया है।
किन पदों के कर्मचारी दे सकेंगे परीक्षा?
इस योजना के तहत लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर जैसे पदों पर कार्यरत संविदा कर्मचारी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित बिजली कंपनियों के प्रबंध संचालकों को सौंपी गई है।
परीक्षा के लिए पात्रता क्या है?
योजना के अनुसार आवेदन वही कर्मचारी कर सकेंगे जिन्होंने स्वीकृति तिथि तक संबंधित कंपनी में कम से कम दो वर्ष की संविदा सेवा पूरी कर ली हो। दो अनुबंधों के बीच का अंतराल सेवा में बाधा नहीं माना जाएगा, लेकिन उस अवधि को अनुभव में नहीं जोड़ा जाएगा। यदि किसी कर्मचारी की दोबारा संविदा नियुक्ति हुई है तो सेवा से बाहर रहने की अवधि अनुभव से घटाई जाएगी। अनुभव प्रमाण-पत्र कार्यपालन अभियंता या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा।
क्या है नई नियुक्ति योजना?
ऊर्जा विभाग ने इस प्रक्रिया का नाम "संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना-2026" रखा है। योजना के तहत नियमित रिक्त पदों पर पात्र संविदा कर्मचारियों को नई नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा।
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