मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है. उन्होंने बताया कि अब लघु और सीमांत किसानों के साथ-साथ मध्यम और बड़े किसानों के लिए भी स्लॉट बुकिंग शुरू कर दी गई है. इसके अलावा उपार्जन केंद्रों की क्षमता 1000 क्विंटल प्रतिदिन से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है. स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख भी 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक किसान अपनी उपज बेच सकें.
किसानों के लिए मोहन यादव ने कही ये बात
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि तौल कांटे, हम्माल, छाया और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध हों, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. साथ ही सभी कलेक्टर्स को रोजाना गेहूं खरीदी, परिवहन, भंडारण और किसानों को भुगतान की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए.
उन्होंने यह भी कहा कि चना और मसूर की खरीदी मंडी के अंदर शेड में कराई जाए, ताकि बारिश के कारण फसल को नुकसान न पहुंचे. इसके साथ ही इन फसलों की खरीदी व्यवस्था को लेकर जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
समत्व भवन स्थित मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में डॉ. यादव ने यह सभी निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है और हर उपार्जन केंद्र पर कम से कम 7 दिन की खरीदी के लिए बारदान उपलब्ध होना चाहिए. साथ ही प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 6 इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में किसानों द्वारा की जा रही उपज बिक्री पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि किसी तरह की दिक्कत न आए. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गुना, रायसेन, दतिया, सीधी और विदिशा जिलों के कलेक्टर्स से वर्चुअल संवाद कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली.
अधिकारियों से ली ये जानकारी
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश में इस समय 3516 उपार्जन केंद्र संचालित हैं. अब तक 8 लाख 55 हजार किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है, जिनमें से 3 लाख 96 हजार किसानों से 16 लाख 60 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है. इसके बदले 2527 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है. वहीं मध्यम और बड़े वर्ग के 40 हजार 457 किसानों ने 5 लाख 88 हजार मीट्रिक टन गेहूं के लिए स्लॉट बुक किए हैं. अब किसानों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे अपनी तहसील के अलावा जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर फसल बेच सकते हैं.केंद्र सरकार ने भी गेहूं की गुणवत्ता मानकों में कुछ राहत दी है. चमक विहीन गेहूं की सीमा को 50 प्रतिशत तक शिथिल किया गया है. वहीं कम पानी के कारण अल्प विकसित दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा में भी 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.
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