मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पिछले दो दिनों से दिल्ली में हैं और इस दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है. मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बीच मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है. माना जा रहा है कि इस बार सरकार में बदलाव मंत्रियों के प्रदर्शन और संगठन के साथ उनके तालमेल को ध्यान में रखकर किया जा सकता है.
मंत्रियों के कामकाज का लिया गया फीडबैक
सूत्रों के मुताबिक, करीब दो महीने पहले प्रदेश सरकार के मंत्रियों के कामकाज का विस्तृत फीडबैक लिया गया था. इसमें मंत्रियों के जिलों के दौरे, विभागीय योजनाओं की प्रगति, विकास कार्यों की स्थिति, संगठन के साथ समन्वय और प्रभार वाले जिलों में उनकी सक्रियता जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया था.
फीडबैक मिलने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा भी की थी. इसके आधार पर मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार किए जाने की बात सामने आई है. माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंच चुकी है.
राजनीतिक घटनाक्रम के कारण टला था विस्तार
दतिया विधानसभा उपचुनाव, विधानसभा का मानसून सत्र और राज्यसभा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते मंत्रिमंडल विस्तार को फिलहाल टाल दिया गया था. अब ये गतिविधियां पूरी होने के बाद एक बार फिर संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
कुछ मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत मोहन यादव मंत्रिमंडल में 31 सदस्य हैं. संवैधानिक सीमा के मुताबिक मंत्रिमंडल में अधिकतम 35 सदस्य हो सकते हैं. ऐसे में चार नए सदस्यों को शामिल करने की गुंजाइश है.
हालांकि, राजनीतिक चर्चाओं में इससे बड़ा बदलाव किए जाने की संभावना जताई जा रही है. माना जा रहा है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाकर नए विधायकों को मौका दिया जा सकता है. साथ ही कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल संभव है. चर्चा में विजय शाह, धर्मेंद्र लोधी, लखन पटेल और प्रतिमा बागरी जैसे नाम भी बताए जा रहे हैं, हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है.
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
संभावित विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा है. संभावित नामों में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, शैलेंद्र कुमार जैन, प्रदीप लारिया, अर्चना चिटनीस, मालिनी गौड़ और सिंधिया समर्थक बृजेंद्र सिंह यादव शामिल बताए जा रहे हैं. इनमें से चार से पांच नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, अंतिम फैसला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल दिल्ली में मुख्यमंत्री की बैठकों ने मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं को फिर से राजनीतिक केंद्र में ला दिया है.







