MP Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मचे घमासान के बीच विंध्य अंचल से एक बड़ी राजनैतिक खबर सामने आ रही है। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया और राजनैतिक गलियारों में चल रही उन अटकलों पर आखिरकार पूरी तरह से विराम लग गया है, जिनमें सीधी से भाजपा विधायक और दो बार की पूर्व सांसद रीति पाठक को मंत्री बनाए जाने का दावा किया जा रहा था। इन भ्रामक खबरों पर खुद विधायक रीति पाठक ने आगे आकर जमीनी हकीकत साफ कर दी है।
अफवाहों से कोई संबंध नहीं
रीति पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें मंत्री बनाए जाने को लेकर भ्रामक, मनगढ़ंत और तथ्यहीन खबरें फैलाई जा रही हैं। ऐसी झूठी अफवाहें उड़ाने वालों से उनका दूर-दूर तक कोई विधिक संबंध नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आम जनता और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी किसी भी बिना सिर-पैर की खबरों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए।
पार्टी की समर्पित सिपाही हूं…
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए सीधी विधायक ने संगठन के प्रति अपनी वफादारी को एक बार फिर दोहराया है। रीति पाठक ने साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी के प्रादेशिक या केंद्रीय संगठन की ओर से उन्हें मंत्री पद को लेकर ऐसी कोई भी आधिकारिक सूचना या संकेत नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे भाजपा की एक समर्पित और अनुशासित कार्यकर्ता हैं। भविष्य में संगठन उनके लिए जो भी जिम्मेदारी तय करेगा, वे उसका पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पालन करेंगी।
विंध्य की कद्दावर नेता हैं पाठक
राजनैतिक जानकारों का मानना है कि रीति पाठक का कद एमपी बीजेपी में बेहद मजबूत है, यही वजह है कि मंत्रिमंडल विस्तार में उनका नाम बार-बार आ जाता है। रीति पाठक सीधी लोकसभा सीट से लगातार दो बार सांसद रह चुकी हैं। इसके बाद साल 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें सीधी सीट से मैदान में उतारा, जहां वे शानदार जीत दर्ज कर विधायक बनीं। उनके इसी लंबे अनुभव के कारण समय-समय पर उन्हें मोहन कैबिनेट में शामिल करने की मांग उठती रही है।
फिलहाल, मध्य प्रदेश सरकार या भाजपा संगठन की ओर से मंत्रियों की नई सूची को लेकर कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रीति पाठक के इस खंडन के बाद अब कयासों के बाजार पर कुछ समय के लिए ताला जरूर लग गया है, लेकिन परदे के पीछे की सियासत अभी भी जारी है।







