डिंडोरी/शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ Madhya Pradesh के Dindori जिले के शाहपुरा क्षेत्र स्थित बिलगढ़ा बांध में अवैध ब्लास्टिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बांध जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बिना वैधानिक अनुमति भारी विस्फोट किए जाने पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शाहपुरा क्षेत्र के बिलगढ़ा बांध इलाके में जल निगम की बहु-करोड़ पेयजल परियोजना के तहत वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। करीब 294 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना के जरिए लगभग 316 गांवों तक पेयजल आपूर्ति की योजना है। निर्माण कार्य का ठेका मैसर्स जी.ए. इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर को दिया गया है।
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आरोप है कि कंपनी ने बांध क्षेत्र में प्रशासनिक अनुमति के बिना ही ब्लास्टिंग कराई। मामले की सूचना मिलते ही शाहपुरा पुलिस, तहसील प्रशासन, खनिज विभाग और बालाघाट से पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने करीब दो घंटे तक घटनास्थल की गहन जांच की। जांच के दौरान जमीन में दबे सैकड़ों जिंदा बारूद के गोले और इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर बरामद किए गए। साथ ही अवैध ब्लास्टिंग में उपयोग किए गए दो ट्रैक्टर भी जब्त किए गए।
पुलिस ने प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल कैथ, ब्लास्टर दीपक बाजपेयी सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। थाना प्रभारी अनुराग जामदार ने बताया कि तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि दो की तलाश जारी है।
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स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने बांध की संरचनात्मक मजबूती को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस प्रकार की अनियंत्रित ब्लास्टिंग से बांध की नींव और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जल निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कंपनी की लापरवाही प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







