मध्य प्रदेश भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश कार्यसमिति और स्थायी आमंत्रित सदस्यों की नई सूची जारी कर दी है. प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से मंगलवार को जारी इस सूची में कई वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विधायकों को शामिल किया गया है. हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा विधायक संजय पाठक के नाम को लेकर हो रही है, क्योंकि वह पिछले कुछ समय से विभिन्न विवादों के चलते सुर्खियों में बने हुए हैं.
दिग्गज नेताओं को भी मिला स्थान
नई कार्यसमिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल, विष्णुदत्त शर्मा, तुलसीराम सिलावट और विश्वास सारंग जैसे कई बड़े नेताओं को शामिल किया गया है. इसके अलावा संगठन ने महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति और विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों को भी जगह देकर संतुलन साधने की कोशिश की है.
संजय पाठक की एंट्री पर बढ़ सकती है सियासी हलचल
कार्यसमिति की सूची में संजय पाठक का नाम सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. माना जा रहा है कि उनके नाम को लेकर विपक्ष भाजपा पर हमलावर हो सकता है. क्योंकि हाल के महीनों में संजय पाठक कई विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं और उनसे जुड़े कुछ मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं.
मानहानि मामले में हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस
संजय पाठक से जुड़े एक मानहानि मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. यह याचिका कटनी के लाइसेंसी शस्त्र विक्रेता नाजिम खान द्वारा दायर की गई थी. याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत पर विचार कर उचित निर्णय लेने की मांग की है. मामले की सुनवाई जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की पीठ में हुई, जहां राज्य सरकार की ओर से जवाब के लिए समय मांगा गया. अदालत ने यह मांग स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है.
पहले भी विवादों में रह चुके हैं संजय पाठक
यह पहला मामला नहीं है जब संजय पाठक से जुड़ा कोई केस चर्चा में आया हो. इससे पहले अवैध खनन से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान भी एक न्यायाधीश ने खुद को केस से अलग कर लिया था. उस समय न्यायाधीश ने अपने आदेश में उल्लेख किया था कि संबंधित विधायक द्वारा उनसे सीधे संपर्क करने की कोशिश की गई थी, जिससे मामला काफी सुर्खियों में आ गया था.
कांग्रेस पहले से उठा रही है सवाल
संजय पाठक पर कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान का आरोप भी लग चुका है. कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रही है और कई बार उनके इस्तीफे की मांग भी कर चुकी है. ऐसे में भाजपा की नई कार्यसमिति में उन्हें शामिल किया जाना राजनीतिक बहस का नया विषय बन सकता है. आने वाले दिनों में इस फैसले को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना जताई जा रही है.







