भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी सत्र को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत आयोजित तीन दिवसीय विधायक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ई-विधानसभा के लागू होने से जनसमस्याओं के समाधान में अभूतपूर्व तेजी, कुशलता और पारदर्शिता आएगी।
ऑनलाइन व्यवस्था से प्रश्नों की संख्या में उछाल
अध्यक्ष तोमर ने अपने मुख्य उद्बोधन में कहा कि पहले जहां एक सत्र में औसतन 700 प्रश्न ही मिल पाते थे, वहीं ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर चार हजार तक पहुंच गई है। यह आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि अब जनता की आवाज सीधे तौर पर और अधिक प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंच रही है, जिससे शासन प्रणाली को समस्याओं के तुरंत निराकरण के लिए अधिक सक्षम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक न केवल समय बचाती है, बल्कि कार्यों में पूरी पारदर्शिता भी सुनिश्चित करती है।




प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि और डिजिटल क्रांति
डिजिटल इंडिया के फायदों पर प्रकाश डालते हुए विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि के कारण आज देश में डिजिटल क्रांति आई है। उन्होंने किसान सम्मान निधि और लाडली बहना योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि आज तकनीक के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि पहुंच रही है। तोमर ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने शुरुआती दिनों का एक याद साझा करते हुए बताया कि कैसे प्रधानमंत्री की सलाह और प्रोत्साहन से उन्होंने तकनीक को अपनाया और अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
नेवा परियोजना का सफल प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भंवर सिंह शेखावत और प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष अजय विश्नोई ने भी नेवा के महत्व और इसके प्रभावी उपयोग पर अपने विचार रखे। विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। इस प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों और उनके स्टॉफ को डिजिटल कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे आगामी सत्र के संचालन को पूरी तरह कागज रहित बनाया जा सके।







