माउथवॉश, जिसे ओरल रिंस भी कहा जाता है, दांतों के बीच की सफाई और सांस को ताजा रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसमें आमतौर पर एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं और स्वाद बढ़ाने के लिए फ्लेवर भी मिलाए जाते हैं. कुछ माउथवॉश में अल्कोहल होता है, जबकि कई प्रोडक्ट अल्कोहल-फ्री भी आते हैं. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने कुछ ब्रांड्स में इस्तेमाल होने वाले केमिकल रंग और फ्लेवर को लेकर चिंता जताई है. ऐसे में इसका इस्तेमाल करते समय इसके संभावित साइड इफेक्ट्स के बारे में जानना जरूरी है.
माउथवॉश से कैंसर
माउथवॉश में अल्कोहल का इस्तेमाल आमतौर पर प्रिजर्वेटिव और दूसरे तत्वों को घोलने के लिए किया जाता है, न कि सीधे कीटाणुनाशक के रूप में. वहीं सोडियम लॉरिल सल्फेट यानी SLS कुछ टूथपेस्ट और ओरल रिंस में झाग बनाने के लिए डाला जाता है. जिन लोगों को बार-बार मुंह में छाले होते हैं, उनके लिए SLS वाले प्रोडक्ट समस्या को और बढ़ा सकते हैं. खासकर जो लोग कीमोथेरेपी ले रहे हैं, उन्हें भी इससे परेशानी हो सकती है. हालांकि, अगर आपको ऐसी संवेदनशीलता नहीं है, तो यह समस्या जरूरी नहीं कि हर किसी को हो.
हो सकती है ये दिक्कत
माउथवॉश के ज्यादा इस्तेमाल से मुंह सूखने की दिक्कत भी हो सकती है, जिसे ज़ेरोस्टोमिया कहा जाता है. इस स्थिति में लार कम बनती है, जिससे दांतों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है. अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के अनुसार, ऐसे मामलों में फ्लोराइड वाले ओरल रिंस की सलाह दी जाती है, लेकिन अल्कोहल वाले माउथवॉश से सूखापन और बढ़ सकता है.
कई लोगों को माउथवॉश इस्तेमाल करते समय हल्की झनझनाहट अच्छी लगती है, लेकिन कुछ के लिए यह जलन या दर्द जैसा महसूस हो सकता है. कुछ माउथवॉश में अल्कोहल की मात्रा 25 प्रतिशत तक होती है, जिससे यह असर ज्यादा तेज हो जाता है. इसके अलावा, माउथवॉश मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करता है. जहां कुछ बैक्टीरिया नुकसानदायक होते हैं, वहीं कई अच्छे बैक्टीरिया भी होते हैं जो दांत और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. इसलिए बार-बार सभी बैक्टीरिया खत्म करना सही नहीं माना जाता, और हल्के फॉर्मूले बेहतर विकल्प हो सकते हैं.
माउथवॉश के इस्तेमाल से दांतों पर दाग पड़ने की समस्या भी देखी गई है. 2019 की एक स्टडी के अनुसार, यह इसका सबसे आम साइड इफेक्ट है. खासतौर पर क्लोरहेक्सिडाइन वाले माउथवॉश से दांतों पर अस्थायी दाग पड़ सकते हैं. इसके अलावा जिन प्रोडक्ट्स में गहरे रंग के डाई होते हैं, उनसे दांतों के दाग की संभावना और बढ़ जाती है.
कुछ रिसर्च में यह भी संकेत मिले हैं कि माउथवॉश में मौजूद कुछ सिंथेटिक तत्वों का संबंध कैंसर के बढ़ते खतरे से हो सकता है. 2016 की एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से माउथवॉश इस्तेमाल करते हैं, उनमें सिर और गर्दन के कैंसर का जोखिम थोड़ा अधिक हो सकता है. हालांकि, इस संबंध को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है और यह भी साफ नहीं है कि कौन से तत्व इसके लिए जिम्मेदार हैं.
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