Mohan Cabinet Decision: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के विकास और जन-कल्याण से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव कर किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र के लिए भी खजाना खोल दिया है।
किसानों को 4 गुना मुआवजा तय
मंत्री शिवाजी पटेल ने बताया कि सरकार ने भूमि अर्जन अधिनियम 2015 के प्रावधानों का पुनः निर्धारण किया है। अब तक भूमि अधिग्रहण पर दोगुना मुआवजा मिलता था, लेकिन कैबिनेट ने फैक्टर-2 का निर्धारण कर दिया है। अब प्रदेश के किसानों को उनकी जमीन के अधिग्रहण पर बाजार मूल्य से चार गुना अधिक मुआवजा मिलेगा।
सिंचाई के लिए 33,000 करोड़ के कार्य स्वीकृत
सरकार ने प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र का लक्ष्य रखा है। कुल 33 हजार करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इंदौर की सिंचाई परियोजना 157 करोड़ से 35 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना के बजट में 128 करोड़ की वृद्धि की गई है। वही सड़कों के लिए 25,164 करोड़, ग्रामीण सड़कों के लिए 6,150 करोड़ और पुल निर्माण के लिए 9,950 करोड़ मंजूर किए गए।
'नारी शक्ति वंदन' विशेष सत्र
महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्रों के लिए 990 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए 1,200 करोड़ की राशि तय हुई है।
सीएम केयर योजना का आगाज
मोहन कैबिनेट ने चिकित्सा विभाग के लिए 5,779 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। हर चिकित्सा महाविद्यालय में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। जिला अस्पतालों में नो प्रॉफिट-नो लॉस आधार पर मरीजों के परिजनों के ठहरने की व्यवस्था होगी। स्वास्थ्य सेवाओं में पीपीपी मॉडल का उपयोग किया जाएगा।
धार्मिक और पर्यावरणीय पहल
नर्मदा उद्गम स्थल के विकास और अतिक्रमण हटाने को लेकर नर्मदा समग्र की बैठक में रणनीति तैयार हुई है। प्रदेश में श्री परशुराम और श्री कृष्ण लोक का निर्माण किया जाएगा। जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्य प्रदेश को देश में तीसरा स्थान मिला है। इसके अलावा सरकार के अभियान में 99.9% आवेदनों का सफल निराकरण किया गया है। ओरछा में पीएम श्री सेवा की शुरुआत की गई है।







