Minister Vijay Shah: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनारस से पुणे के बीच शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस बुधवार को जब खंडवा स्टेशन पहुंची, तो वहां उत्साह का माहौल था। हालांकि, इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद कैबिनेट मंत्री विजय शाह अपने एक दावे के कारण चर्चा का विषय बन गए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ट्रेन के स्वागत के लिए आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह के साथ विधायक छाया मोरे और महापौर अमृता यादव सहित कई भाजपा नेता मौजूद थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री शाह ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहे रेलवे विकास की सराहना की, लेकिन ट्रेन की रफ्तार को लेकर तथ्यात्मक गलती कर बैठे।
मंत्री का दावा
विजय शाह ने कहा कि यह नई ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। जबकि तकनीकी रूप से अमृत भारत एक्सप्रेस की अधिकतम गति सीमा 110 किमी प्रति घंटा ही निर्धारित है। सफर कर रहे यात्रियों ने यह भी साझा किया कि ट्रेन के अंदर बाहरी शोर सामान्य ट्रेनों जैसा ही महसूस हो रहा है।
सांसद की मेहनत लाई रंग
खंडवा में इस ट्रेन के स्टॉपेज का श्रेय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल को जा रहा है। उन्होंने रेल मंत्री से मुलाकात कर खंडवा स्टेशन पर ठहराव की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। यह ट्रेन चार अलग-अलग रेलवे ज़ोनों को जोड़ने का काम करेगी, जिससे खंडवा के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पुराने विवादों का साया
मंत्री विजय शाह का यह ताजा बयान उनके पुराने विवादित इतिहास के कारण भी चर्चा में है। इससे पहले महू के एक कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय सेना की पहली महिला इंफेंट्री अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसे लेकर देशभर में विरोध हुआ था। कांग्रेस लगातार उनके बयानों को लेकर भाजपा नेतृत्व से उन्हें पद से हटाने की मांग करती रही है।







