उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ देशभर में चंद्र ग्रहण के चलते होली की तारीखों को लेकर उपजी भ्रांतियों के बीच, विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के दरबार से तस्वीर साफ हो गई है। उज्जैन के महाकाल मंदिर में ग्रहण का कोई खास असर दिखाई नहीं देगा और परंपरा के अनुसार ही पर्व मनाया जाएगा।
ग्रहण काल के दौरान भी दर्शन का क्रम निरंतर जारी
मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, बाबा महाकाल के दरबार में ग्रहण काल के दौरान भी दर्शन का क्रम निरंतर जारी रहता है, केवल गर्भग्रह में पूजन-अर्चन पर रोक रहती है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, 2 मार्च की शाम को संध्या आरती के समय बाबा को हर्बल गुलाल और शक्कर की माला अर्पित की जाएगी। इसके पश्चात शाम 7 बजे ओंकारेश्वर मंदिर के सामने विधिवत पूजन कर होलिका दहन संपन्न होगा।
गुलाल अर्पित कर खेलेंगे होली
अगले दिन 3 मार्च को धुलंडी का पर्व उत्साह से मनेगा। सुबह होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में बाबा महाकाल को विशेष रूप से गुलाल अर्पित कर होली खेली जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन की व्यवस्था पूरे समय सुचारू रहेगी।







