सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी-- कटनी रेलवे जंक्शन पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पटना-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में बच्चों के होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रेन की सघन जांच की और 167 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे बिहार के अररिया जिला के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बच्चों के साथ 7 वयस्क पुरुष भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।जांच के दौरान सामने आया कि साथ जा रहा एक व्यक्ति, जिसकी पहचान सद्दाम के रूप में हुई है, इन बच्चों को लातूर स्थित एक मदरसे में ले जाने का दावा कर रहा है। हालांकि, इतने बड़े समूह को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने के लिए आवश्यक दस्तावेज और वैधानिक अनुमति मौके पर प्रस्तुत नहीं की जा सकी, जिससे मामला संदिग्ध हो गया है।चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला संदेहास्पद प्रतीत हो रहा है। सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखकर उनकी काउंसलिंग की जा रही है, साथ ही उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है और बच्चों के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास जारी है।इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या बच्चों को वास्तव में शिक्षा के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था या इसके पीछे कोई संगठित मानव तस्करी गिरोह सक्रिय है। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं।
मदरसे के नाम पर साजिश? कटनी में 167 बच्चों का चौंकाने वाला खुलासा
Khabar Digital Desk
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