मध्य प्रदेश सरकार की ओर से लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त 15 अक्टूबर से पहले महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. दरअसल, राज्य में हर महीने 10 से 15 तारीख के बीच योजना का पैसा भेजने का ट्रेंड रहा है, इसलिए इस बार भी समय पर भुगतान होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.
अगर आपने अभी तक अपनी समग्र e-KYC पूरी नहीं कराई है, तो इसे पास की किसी भी राशन दुकान, एमपी ऑनलाइन सेंटर या सीएससी कियोस्क पर जाकर आसानी से करवा सकती हैं. इसके लिए महिलाओं को अपनी जेब से कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा, क्योंकि सरकार खुद प्रत्येक e-KYC के बदले संबंधित कियोस्क को 15 रुपये का भुगतान कर रही है.
कितनी मिलती है आर्थिक मदद और कौन हैं इसके पात्र?
इस योजना के तहत सभी पात्र महिलाओं के आधार से जुड़े डीबीटी इनेबल्ड बैंक खातों में हर महीने 1500 रुपये की राशि सीधे भेजी जाती है.
योजना का लाभ लेने के लिए महिला का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है. इसके अलावा महिला का विवाहित होना जरूरी है, जिसमें विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाएं भी समान रूप से शामिल हैं. आयु सीमा की बात करें तो आवेदन वाले कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी को महिला की उम्र कम से कम 21 वर्ष पूरी हो चुकी हो और 60 वर्ष से कम हो.
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ?
योजना के नियमों के मुताबिक कुछ श्रेणियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है. यदि महिला या उसके परिवार की कुल स्वघोषित सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है, या परिवार का कोई सदस्य आयकर देता है, तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा. इसके अलावा, केंद्र या राज्य सरकार के किसी विभाग, निकाय या उपक्रम में नियमित, संविदा कर्मचारी या पेंशनभोगी के परिवार भी इसके लिए पात्र नहीं हैं.
यदि महिला को किसी अन्य सरकारी योजना के तहत पहले से 1250 रुपये या उससे अधिक की मासिक राशि मिल रही है, तो वे आवेदन नहीं कर सकतीं. इसके साथ ही वर्तमान या पूर्व सांसद, विधायक, स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि (पंच और उपसरपंच को छोड़कर), तथा सरकारी बोर्ड या निगम के अध्यक्ष व सदस्यों के परिवारजनों को भी योजना से बाहर रखा गया है. संपत्ति के मामले में, जिन परिवारों के पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि है या ट्रैक्टर को छोड़कर कोई चार पहिया वाहन पंजीकृत है, उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा.







