डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी विकासखंड के अंतर्गत पड़रिया कला स्थित "मां नर्मदा पब्लिक स्कूल" में शिक्षा व्यवस्था की एक बदहाल तस्वीर सामने आई है। वर्ष 2017 से संचालित हो रहे इस विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक के करीब 100 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई महज दो छोटे कमरों और एक हॉल के भरोसे चल रही है। स्कूल में पर्याप्त बैठक व्यवस्था, क्रियाशील शौचालय और खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है।
एक कमरे में तीन-तीन कक्षाओं का संचालन
भवन और स्थान की कमी के कारण विद्यालय परिसर में एक ही कमरे के भीतर 2 से 3 अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। अलग-अलग विषयों और कक्षाओं के बच्चों को एक ही स्थान पर बैठाए जाने से न केवल शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है, बल्कि विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
100 बच्चों पर महज 5 शिक्षक
विद्यालय प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे स्कूल में करीब 100 छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए मात्र 5 शिक्षक पदस्थ हैं। संस्थान के प्रधानाध्यापक तीरथ परना और संचालक कमल प्रजापति हैं। जब एक ही कक्ष में कक्षाओं के संचालन को लेकर सवाल उठाया गया, तो संचालक ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को एक साथ बैठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
सुविधाओं का अभाव, पर फीस वसूली जारी
शुल्क ली जाने वाली राशि-
वार्षिक प्रवेश शुल्क 3,500 /-प्रति विद्यार्थी
मासिक शिक्षण शुल्क 300, 400 एवं 500 कक्षा के अनुसार
प्रत्येक वर्ष 100 विद्यार्थियों से नियमित फीस वसूलने के बावजूद बच्चों को शौचालय, और पीने के लिए शुद्ध साफ पानी और बच्चों के खेलकूद के लिए मैदान जैसी प्राथमिक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। जब इस विषय में संचालक से पूछा गया, तो उनका कहना था कि "धीरे-धीरे व्यवस्थाएं की जा रही हैं और जो भी ढांचा है, वह सबके सामने है।"
मान्यता प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर ही बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। माध्यमिक स्तर कक्षा 1 से 8 तक की मान्यता देने के लिए निर्धारित सरकारी मानकों के तहत पर्याप्त कमरे, शौचालय, खेल का मैदान और शिक्षक-छात्र अनुपात का होना अनिवार्य है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि क्या मान्यता देने से पूर्व विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर भौतिक सत्यापन किया गया था या नहीं।
डिंडौरी प्रभारी डीपीसी अमित गौलिया का कहना
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। "पड़रिया कला स्थित संबंधित प्राइवेट स्कूल में जो भी कमियां बताई जा रही हैं, वहां विभागीय टीम जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेगी। जांच के दौरान जो भी खामियां पाई जाएंगी, उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"







