देवास। खातेगांव तहसील के एक निजी नर्सिंग होम पर मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना में गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक स्टिंग वीडियो के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि कुछ लोगों को पैसे का लालच देकर योजना का लाभ दिखाया जा रहा था।
एक हजार रुपये देने का लगाया गया आरोप
आरोप हैं कि, कुछ लोगों को एक हजार रुपये देने का लालच देकर अस्पताल बुलाया जाता था। उनसे आधार कार्ड, समग्र आईडी और अन्य दस्तावेज लिए जाते थे। इसके बाद उन्हें मरीज बताकर योजना के तहत आवेदन तैयार किए जाते थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच की मांग उठ रही है।
स्टिंग वीडियो के बाद बढ़ी जांच की मांग
स्टिंग ऑपरेशन में अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े किए गए हैं। वीडियो में दिखाए गए घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने जांच की मांग की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन से जांच की मांग की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल
मामले में कुछ अधिकारियों के नाम भी चर्चा में आए हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, अस्पताल की तरफ से कोई बयान नहीं दिया गया है.
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