खबर डिजिटल संवाददाता कटनी-- भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृत भारती मध्य क्षेत्रम द्वारा शुक्रवार को आधारकाप स्थित कटनी डिग्री कॉलेज में क्षेत्र प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत कटनी के उपाध्यक्ष एवं जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा शामिल हुए।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का पुष्पहारों से आत्मीय स्वागत किया गया।अपने संबोधन में अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि “संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। यह हमारी पहचान और गौरवशाली विरासत का आधार है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।”उन्होंने कहा कि संस्कृत भारती द्वारा किए जा रहे प्रयास समाज में संस्कृत के प्रति नई चेतना जागृत कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को संस्कृत की वैज्ञानिकता, समृद्ध साहित्य और सांस्कृतिक महत्व को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने संस्कृत के प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता पर शुभकामनाएं दीं।विश्वकर्मा ने कहा कि युवाओं में संस्कृत के प्रति बढ़ता रुझान भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा और राष्ट्र की प्राचीन ज्ञान परंपरा को और अधिक सशक्त बनाएगा।प्रशिक्षण वर्ग में संस्कृत भारती के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सदस्यों एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और जन-जन तक इसके प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा भी की गई।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट मो. 9131308097







