खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी-- गुरुनानक वार्ड क्रमांक-22 स्थित गजानन कॉम्प्लेक्स के पास नसरवन बाड़ा में नगर निगम द्वारा अवैध निर्माणों के विरुद्ध की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर तथाकथित स्थानीय लोगों और सूत्रों के आरोप चर्चा का विषय बन गए हैं।तथाकथित स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना स्वीकृत नक्शे एवं वैधानिक अनुमति के निर्माण करने के आरोप में जिन कई निर्माणकर्ताओं को नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से केवल एक निर्माण पर ही बुलडोजर चलाया गया, जबकि अन्य निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।तथाकथित स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर निगम ने सभी निर्माणों को नियमों के विरुद्ध मानते हुए नोटिस जारी किए थे, तो कार्रवाई केवल एक निर्माण तक ही सीमित क्यों रही? इसे लेकर नगर निगम की कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।तथाकथित स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि निगम ने एक निर्माण को हटाकर औपचारिकता निभाई, जबकि अन्य कथित अवैध निर्माणों को फिलहाल छोड़ दिया गया। वहीं, क्षेत्र में तथाकथित रूप से यह चर्चा भी है कि क्या कुछ निर्माणकर्ताओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।तथाकथित स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे कानून के समान अनुपालन और प्रशासनिक निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।इस संबंध में जब नगर निगम के कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में है। जिन-जिन निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उन सभी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।अब देखना होगा कि नगर निगम अपने इस आश्वासन पर अमल करते हुए शेष नोटिसधारी निर्माणों पर भी कार्रवाई करता है या नहीं। फिलहाल, तथाकथित स्थानीय लोगों के आरोपों के चलते नसरवन बाड़ा की कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं
कार्रवाई पर उठे सवाल! एक निर्माण टूटा, बाकी पर मेहरबानी क्यों?
Khabar Digital Desk
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