मध्य प्रदेश की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही तैयारियों और बैठकों के बीच अब यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी उन्हें संसद के ऊपरी सदन में भेज सकती है. सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व ने लगभग इस फैसले पर सहमति बना ली है और आने वाले दिनों में इसकी आधिकारिक घोषणा भी की जा सकती है.
राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही थी बातचीत
पिछले कुछ समय से दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और राज्यसभा चुनाव को लेकर लगातार बातचीत चल रही थी. पार्टी ऐसे नेता की तलाश में थी जिसकी संगठन में मजबूत पकड़ हो और जो अनुभव के साथ पार्टी को मजबूती भी दे सके. इन चर्चाओं के दौरान कमलनाथ का नाम सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आया.
मल्लिकार्जुन खड़गे और कमलनाथ के बाद चर्चा हुई तेज
हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कमलनाथ के बीच हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हो गई हैं. बताया जा रहा है कि इस बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस की रणनीति, राज्यसभा चुनाव और आगे की राजनीतिक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. पार्टी के भीतर इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है.
इस वजह से कमलनाथ को राज्यसभा भेज रही है कांग्रेस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस फिलहाल मध्य प्रदेश में किसी तरह के अंदरूनी विवाद या गुटबाजी से बचना चाहती है. ऐसे में कमलनाथ को एक ऐसे वरिष्ठ नेता के रूप में देखा जा रहा है जिनकी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच अच्छी स्वीकार्यता है. लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहने और संगठन पर मजबूत पकड़ रखने के कारण उनका कद अभी भी बड़ा माना जाता है.
कमलनाथ के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि कमलनाथ का अनुभव राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यही वजह है कि उन्हें राज्यसभा भेजकर बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी की जा रही है. अगर ऐसा होता है तो यह मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में भी बड़ा संदेश माना जाएगा.







