भोपाल। मध्यप्रदेश के देवास जिले में हुए बहुचर्चित शराब कांड में कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। पुलिस जांच में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के पुत्र अमन कासलीवाल का नाम सामने आने के बाद मंत्री सारंग ने कांग्रेस की जवाबदेही के दावों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
खर्चों पर उठाए गंभीर सवाल
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कासलीवाल परिवार लंबे समय से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) के बिजली बिलों के भुगतान, कर्मचारियों के वेतन तथा पार्टी के धरना-प्रदर्शनों में टेंट, माइक और लाइट जैसी व्यवस्थाओं का वित्तीय प्रबंधन देखता रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन तमाम व्यवस्थाओं के लिए धन कहां से आ रहा था? क्या कांग्रेस के आयोजनों और प्रदेश कार्यालय के दैनिक खर्चों का पोषण इसी तरह के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से किया जा रहा था? मंत्री ने जीतू पटवारी से मांग की कि वे इस मामले में चुप्पी तोड़ने के बजाय जनता के समक्ष वित्तीय स्रोतों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करें।
मुख्य आरोपियों से संबंधों की निष्पक्ष जांच
पुलिस विवेचना का हवाला देते हुए मंत्री ने बताया कि शराब कांड के मुख्य आरोपी अज्जू राठौर एवं उसके साथी गोविंद के साथ अमन कासलीवाल के शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। इसमें थिनर के ड्रमों की खरीदी से जुड़े तथ्य भी जांच के दायरे में आए हैं। सारंग ने कहा कि मामले का खुलासा हुए 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कांग्रेस ने अपने नेता और उनके पुत्र पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। दूसरों पर आरोप लगाने वाली कांग्रेस को अपने ही नेताओं से जुड़े इस गंभीर आपराधिक मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।
जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम सरकार
विश्वास सारंग ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अपराध और अवैध गतिविधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। पुलिस निष्पक्षता और साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। इसमें शामिल किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह इस संवेदनशील और दुखद मामले पर राजनीति करने के बजाय पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए, जांच एजेंसियों को सहयोग करे और अपनी पार्टी के अंदर व्याप्त भ्रष्टाचार पर तुरंत ठोस कदम उठाए।







