भोपाल/शाजापुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को शाजापुर जिले के रंथभंवर गांव का दौरा किया। यहां उन्होंने फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले काले हिरणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए चलाए जा रहे बोमा रेस्क्यू अभियान के दूसरे चरण का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैमोफ्लाज्ड मचान से पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया और वन विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों से अभियान की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।



पहली बार हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का प्रयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पूरे दक्षिण एशिया में पहली बार हेलीकॉप्टर की मदद से बोमा पद्धति के आधार पर इतना बड़ा वन्यजीव रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है। किसानों की फसलों को काले हिरणों और नीलगायों से बचाने तथा वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अफ्रीका से विशेषज्ञ टीम बुलाई गई है। इस तकनीक से बिना किसी जानवर को चोट पहुंचाए, उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा रहा है।
1,236 काले हिरणों का सफल रेस्क्यू, नए जंगलों में होगा पुनर्वास
अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक लगभग 1,236 काले हिरणों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया जा चुका है। इन वन्यजीवों को श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर अभयारण्य और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट में पुनर्वासित किया जा रहा है। जानवरों को ले जाने के लिए 11 विशेष ट्रकों, पशु चिकित्सकों की टीमों और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का समुचित प्रबंध किया गया है।
देश और दुनिया के लिए मॉडल बनेगा मध्यप्रदेश
डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग की पूरी टीम को इस अभिनव प्रयास के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य राज्यों और विदेशों के लिए भी वन्यजीव प्रबंधन और फसल सुरक्षा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा।







