भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) की एक अतिरिक्त किस्त जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह संशोधित बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी। इस बार मूल वेतन और पेंशन के मौजूदा 60 प्रतिशत की दर के ऊपर 3 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है, जिससे कर्मचारियों की कुल आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
सरकारी खजाने पर वित्तीय प्रभाव
सरकार द्वारा उठाए गए इस जनहित कदम से सरकारी खजाने पर सालाना कुल 10,016.10 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा। इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ केंद्र सरकार के लगभग 48.54 लाख कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा। सरकार का यह कदम बढ़ती महंगाई के दौर में आमजन को वित्तीय सुरक्षा और राहत प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है ताकि वे जीवनयापन के बढ़ते खर्चों का बेहतर ढंग से सामना कर सकें।
वेतन आयोग के तय फॉर्मूले के तहत निर्णय
महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में की गई यह ताजा बढ़ोतरी पूरी तरह से 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों और उसके द्वारा स्वीकृत वैज्ञानिक फॉर्मूले के अनुसार की गई है। सरकार समय-समय पर अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर इस भत्ते की समीक्षा करती है और कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने के लिए हर छह महीने पर इसमें संशोधन करती है।







