गयाजी/खबर डिजिटल/अजीत रेनू / म्यांमार के राष्ट्रपति जनरल मिन आंग ह्लाइंग Min Aung Hlaing शनिवार को बिहार दौरे पर गयाजी पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में दर्शन-पूजन कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। उनके आगमन से पहले से ही बोधगया को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
सुबह करीब 9 बजे विशेष विमान से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे राष्ट्रपति का राज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों ने पारंपरिक रूप से स्वागत किया। एयरपोर्ट से काफिला सीधे महाबोधि मंदिर परिसर पहुंचा। मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं ने उन्हें पाली मंत्रोच्चार के साथ अभिनंदन किया। राष्ट्रपति ने करीब 30 मिनट तक ध्यान-पूजा कर बोधि वृक्ष के नीचे विश्व शांति की प्रार्थना की।
बोधगया बना हाई सिक्योरिटी जोन
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे बोधगया क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया था। महाबोधि मंदिर से एयरपोर्ट तक 14 किमी का रूट सील रहा। एसपीजी, एनएसजी, एटीएस और बिहार पुलिस के 2000 से ज्यादा जवान तैनात रहे। ड्रोन, सीसीटीवी और स्नाइपर टीमों से लगातार निगरानी होती रही। आम श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश अस्थायी रूप से बंद रखा गया।
सुजाता स्थल पर भी अर्पित की श्रद्धा
पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति का काफिला बकरौर स्थित सुजाता मंदिर पहुंचा। यहां उन्होंने सुजाता द्वारा भगवान बुद्ध को खीर खिलाने वाले स्थान पर पुष्प अर्पित किए। बर्मीज बौद्ध भिक्षुओं ने इस दौरान विशेष प्रार्थना की। दौरे के अंत में राष्ट्रपति ने महाबोधि मंदिर प्रशासन को म्यांमार की ओर से भेंट भी दी।
जिला प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति का यह दौरा भारत-म्यांमार के धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोपहर में राष्ट्रपति का विमान गया से वापस रवाना हो गया।







