रीवा/खबर डिजिटल/ अरविन्द तिवारी/ देश में आपातकाल Emergency लागू होने के 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रीवा स्थित भाजपा कार्यालय में विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया। इस दौरान आपातकाल से जुड़े घटनाक्रमों, गिरफ्तारियों तथा प्रेस पर लगाए गए प्रतिबंधों को पोस्टर, चित्रों और दस्तावेजों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का "काला अध्याय" बताया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को देश पर रातों-रात आपातकाल थोप दिया गया था, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को गंभीर आघात पहुंचा।
पूर्व गृहमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय लाखों लोगों को जेलों में बंद किया गया, समाचार पत्रों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और विरोध की आवाजों को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए नई पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और उसके दुष्परिणामों की जानकारी होना आवश्यक है।
इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रदर्शनी के माध्यम से आपातकाल के दौरान घटित घटनाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।







