डिंडोरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ डिंडोरी जिला मुख्यालय में यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला यह है कि सेंट एंजेल हायर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल की बस क्रमांक एमपी 52 डी ए 0216 का है। दावा किया जा रहा है कि सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद बच्चों से भरी बस को थाने में खड़ा कर दिया गया, इस घटना से अभिभावकों में भारी गुस्सा है और इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर बाल संरक्षण आयोग तक की गई है।
यह है पूरा मामला
पूरा मामला यह है कि बुधवार दोपहर करीब 2:00 बजे जब स्कूल की छुट्टी हुई तो बस बच्चों को लेकर अपने घर पुलिस लाइन क्षेत्र की तरफ जा रही थी तभी पुराने यातायात थाने के सामने चेकिंग के दौरान बस को पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। बस चालक ने आरोप लगाया है कि उनके पास वाहन के सभी वैध दस्तावेज डिजिटल रूप में है, फिर भी बस को पुलिस कर्मी के द्वारा थाने ले जाया गया।
बस चालक ने लगाया आरोप
आरोप है कि बस चालक से पैसों की मांग की गई और जब बस चालक में पैसे देने से मना कर दिया तो बस को सीधे थाने में छोटे-छोटे बच्चों सहित लाकर खड़ी करवा दी गई करीब आधे घंटे तक 5 से 15 साल के बच्चे जो सुबह 7:00 बजे से स्कूल गए थे, दोपहर की तपती धूप में भूख और प्यास से परेशान होते रहे। किंतु जब बच्चे स्कूल से समय पर घर नहीं पहुंचे तो अभिभावक चिंतित हो गए और थाने पहुंचे थाने में बच्चों से भरी बस देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा थाने में लगातार बढ़ती भीड़ को देखकर आनन फानन में बस को छोड़ा गया।
घटना के बारे में की शिकायत
इस घटना की लिखित शिकायत बस संचालक द्वारा मुख्यमंत्री, कलेक्टर डिंडोरी, पुलिस अधीक्षक, डीजीपी, आईजी और भाजपा अध्यक्ष को की गई। जिसके बाद अब पुलिस अधिकारियों से मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही है।
इनका कहना है
बाल कल्याण समिति किशोर न्याय बोर्ड की अध्यक्ष माधुरी बिलैया ने कहा कि फिलहाल में अभी बाहर हूं लेकिन यह संवेदनशील मामला मेरे संज्ञान में आया है जिस तरह से बच्चों को थाने में रोककर परेशान किया गया उस पर हमारी समिति द्वारा निर्णय लेकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







