डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी, करंजिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रामनगर तिराहे में बीती रात अचानक एक भीषण आगजनी की घटना सामने आई है. इस हादसे में एक स्थानीय व्यापारी परिवार की वर्षों की कड़ी मेहनत और पूंजी पल भर में खाक हो गई. आग की लपटों ने दुकान में रखी लाखों रुपए की सामग्री को पूरी तरह जलाकर नष्ट कर दिया, और दुकानदार बेबस होकर मूकदर्शक बनकर अपनी जिंदगी भर की कमाई को देखता रह गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनगर के निवासी संजय बांधव की किराना, मनिहारी, कपड़े और मोबाइल सहित इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकानों में देर रात अचानक आग लग गई. देखते ही देखते इस आग ने बेहद विकराल रूप धारण कर लिया। दुकानों के भीतर रखे कपड़े, मोबाइल एक्सेसरीज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रोजमर्रा की अन्य वस्तुएं तेजी से आग की चपेट में आ गईं।
रात के सन्नाटे में जब दुकान से धुएं का गुबार और आग की ऊंची लपटें उठती दिखीं, तो आसपास के लोगों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा किया। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर दौड़े और अपने अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है ।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों द्वारा फायर ब्रिगेड और डायल 112 को सूचना देकर मदद मांगी गई थी। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँची। जब तक फायर ब्रिगेड इस लंबी देरी के कारण तब तक मौके पर पहुंचती उसके पहले ही दुकानों में रखा अधिकांश कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो चुका था। बाद में पहुँचे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक ओमकार मरकाम तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढाँढास बंधाया ।विधायक ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए शासन-प्रशासन से हरसंभव आर्थिक सहायता और उचित राहत राशि दिलवाने का भरोसा दिया है। इस संबंध में करंजिया थाने में मामला दर्ज करा दिया गया है और पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन की लचर व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है. जनपद पंचायत करंजिया के तहत आने वाली 42 ग्राम पंचायतों के 105 गाँवों में आज भी फायर ब्रिगेड जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधा उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि करंजिया क्षेत्र से जिला मुख्यालय डिंडौरी की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है ।ऐसे में जब भी किसी गाँव, खेत या दुकान में आग लगती है, तो डिंडौरी से फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ती है. वहाँ से गाड़ी आने में कम से कम डेढ़ से दो घंटे का समय लग जाता है और इतने वक्त में सब कुछ जलकर राख हो जाता है ।
गर्मी के दिनों में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण लोग बेबस होकर सिर्फ तमाशबीन बने रहते हैं। आपातकाल में ग्रामीण आज भी पानी, मिट्टी और घरेलू उपायों के भरोसे आग बुझाने का प्रयास करते हैं, जो पर्याप्त नहीं होते।
स्थानीय बाजारों की छोटी-छोटी दुकानों में कपड़ा, किराना और इलेक्ट्रॉनिक जैसी ज्वलनशील सामग्रियां भरी रहती हैं, जहाँ एक दुकान की आग पूरी दुकानों को राख कर सकती है।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि करंजिया जनपद स्तर पर कम से कम एक स्थायी दमकल वाहन और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में होने वाले ऐसे बड़े नुकसान से बचा जा सके।







