डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले ने अपनी इच्छाशक्ति और सामुदायिक प्रयासों से एक बड़ी मिसाल पेश की है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी हालिया रैंकिंग में डिंडौरी को वर्षा जल संरक्षण और प्रबंधन के मामले में पूरे देश में नंबर वन घोषित किया गया है। जिले की इस शानदार उपलब्धि की बदौलत मध्य प्रदेश ने भी राज्यों की सूची में दूसरा स्थान हासिल कर अपनी धाक जमाई है।
जल गंगा संवर्धन अभियान
जिले की इस सफलता के पीछे 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की बड़ी भूमिका है। 9 मार्च 2026 से शुरू हुआ यह अभियान 30 जून तक चलेगा। इसका मुख्य लक्ष्य बारिश के पानी को बर्बाद होने से रोकना और पुराने कुओं, बावड़ियों व तालाबों को फिर से जीवित करना है। प्रशासन ने न केवल योजनाएं बनाईं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए जन-जन को इससे जोड़ा।
1.30 लाख जल संरचनाएं तैयार
मध्य प्रदेश में अब तक कुल 3.97 लाख जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार या निर्माण हुआ है। इसमें अकेले डिंडौरी का योगदान ऐतिहासिक रहा है। जिले में 1 लाख 30 हजार से अधिक जल संरचनाएं तैयार की गई हैं।
जिले में हुए मुख्य कार्य
- खेतों की प्यास बुझी: बड़ी संख्या में खेत-तालाबों का निर्माण किया गया।
- भूजल स्तर में सुधार: कुओं और बोरवेल को रिचार्ज करने के लिए आधुनिक सिस्टम लगाए गए।
- अमृत सरोवर: गांवों में नए अमृत सरोवरों का निर्माण कर जल संग्रहण की क्षमता बढ़ाई गई।
- शहरों में पहल: शहरी इलाकों में 'रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग' (छत के पानी को जमीन में उतारना) को प्राथमिकता दी गई।
कलेक्टर का संदेश: "जनभागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत"
इस उपलब्धि पर जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने इस सफलता को जिले के हर नागरिक को समर्पित करते हुए कहा कि डिंडौरी की भौगोलिक स्थिति हमेशा से एक चुनौती रही है, लेकिन लोगों के सहयोग ने इसे मुमकिन कर दिखाया। "यह जीत डिंडौरी की नारी शक्ति, स्व-सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों की टीम भावना का परिणाम है। हमें यह याद रखना होगा कि जल संरक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करने का जरिया है।"
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प्रेरणा बना डिंडौरी
डिंडौरी जिले ने यह साबित कर दिया है कि अगर समुदाय और प्रशासन एक साथ मिलकर काम करें, तो जल संकट जैसी गंभीर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। आज डिंडौरी का यह मॉडल पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन गया है, जो सिखाता है कि पानी की हर बूंद को सहेजना कितना जरूरी है।







