डिंडोरी / खबर डिजिटल / शैलेश नामदेव/ जिला चिकित्सालय डिंडोरी के लेबर वार्ड में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बिजली के मुख्य बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से अचानक धुआं निकलने लगा। प्रसूति वार्ड में नवजात शिशु और माताओं की मौजूदगी के कारण स्थिति बेहद गंभीर थी। लेकिन स्टाफ नर्सों और महिला सुरक्षा गार्ड की सूझबूझ और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया।
शाम करीब 5 बजे लेबर वार्ड के पावर स्विच से धुआं उठता देख ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स काजल जागेला और सिमरन कुशवाहा तुरंत हरकत में आईं। उन्होंने एक पल भी न गंवाते हुए मुख्य बिजली स्विच ऑफ कर दिया, ताकि करंट या आग आगे न फैले।

10 मिनट में जिला अस्पताल पहुंची कलेक्टर
इसी दौरान महिला सुरक्षा गार्ड ललित मरावी ने साहस दिखाते हुए अग्निशमन यंत्र उठाया और आग पर तुरंत काबू पा लिया। इन तीनों महिलाओं की तत्परता से वार्ड में मौजूद सभी मरीज और नवजात पूरी तरह सुरक्षित रहे।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया महज 10 मिनट में जिला अस्पताल पहुंच गईं। उन्होंने सीधे लेबर वार्ड का मुआयना किया और पूरी घटना की जानकारी ली। कलेक्टर के निर्देश पर बिजली विभाग ने तुरंत खराब सर्किट बदलकर नया सुरक्षित सर्किट लगा दिया।
डिंडोरी जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया का कहना
कलेक्टर ने तीनों जांबाज महिलाओं की पीठ थपथपाते हुए कहा-"स्टाफ नर्सों और महिला सुरक्षा कर्मी की सतर्कता और सूझबूझ वाकई सराहनीय है। इनकी वजह से आज अस्पताल में एक बहुत बड़ी विपत्ति टल गई। ऐसी सजगता हर कर्मचारी के लिए प्रेरणा है।"

अस्पतालों का लिया जायजा
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन तीनों महिलाओं को आगामी राष्ट्रीय पर्व के मुख्य जिला समारोह में विशेष रूप से सम्मानित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल के अन्य वार्डों का भी जायजा लिया। मरीजों से मिलकर दवाइयों और भोजन की व्यवस्था के बारे में पूछा। उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज को समय पर उपचार, डॉक्टर की देखरेख और मुफ्त दवाइयां मिलनी चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
मानसून से पहले कलेक्ट ने दिये निर्देश
मानसून से पहले कलेक्टर ने बिजली विभाग और अस्पताल प्रबंधन को पूरे अस्पताल की वायरिंग और विद्युत सर्किट की पूरी जांच कर मरम्मत कराने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. रमेश मरावी, विद्युत अधिकारी आर. बघेल, एसडीएम डिंडोरी रामबाबू देवांगन, नगर पालिका अधिकारी अमित तिवारी सहित अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहे।







