डिंडौरी /खबर डिजिटल/ शैलेश नामदेव/ विगत दिनों मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल बजाग में 12 वीं की छात्रा कुमारी आराधना गजेंद्र ने माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में आपत्ति दर्ज कराते हुए जिला कलेक्टर सहित विभागीय अधिकारियों से परीक्षा परिणाम से असहमति जताई थी। कलेक्टर को लिखित तौर दिए आवेदन में छात्रा ने आशंका जाहिर करते हुए कहा था कि परीक्षा केंद्र में अंग्रेजी विषय के पेपर में पूरक कॉपी के कारण उसका परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ है।
ज्ञात हो कि मंडल द्वारा जारी किए गए परीक्षा परिणाम में अंग्रेजी भाषा के सामने CAN अंकित किया गया है जो उक्त विषय की परीक्षा को रद्द करना इंगित करता है। छात्रा के अनुसार मामला दरअसल यह है कि विगत सत्र 2025 -26 में संपन्न हुई 12वीं की परीक्षा में कला संकाय से बजाग परीक्षा केंद्र में सम्मिलित हुई छात्र के परीक्षा परिणाम में अंग्रेजी विषय के पेपर में CAN अंकित होकर आया है जिसे विभाग जानकर पेपर का कैंसिलेशन या फिर रद्द होना बताते हैं ।

छात्र की माने तो पूरी परीक्षा के दौरान उसने ऐसी कोई गलती नहीं की जिसके चलते उसके किसी भी विषय की परीक्षा को रद्द किया जा सके। फिलहाल छात्रा अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर है। देखने लायक बात यह होगी कि छात्रा के साथ हुई इस नाइंसाफी में कौन-कौन जिम्मेदार है और इन लोगों के खिलाफ क्या कार्यवाही होगी।
परिजनों से मिली जानकारी अनुसार परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र अध्यक्ष , सहायक केंद्र अध्यक्ष, पर्यवेक्षक के द्वारा छात्रा को पूरक कॉपी जारी की गई ,जबकि माध्यमिक शिक्षा मंडल के स्पष्ट निर्देश थे कि परीक्षा में पूरक काफी देने का प्रावधान नहीं है। परीक्षा केंद्र में हुई इस लापरवाही के कारण माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस गलती को संज्ञान में लेते हुए छात्रा का परीक्षा फल रोक दिया है । परिणाम स्वरूप छात्रा को द्वितीय अवसर पर पूरक परीक्षा देना पड़ रहा है।

परीक्षा कार्य में संलग्न जिम्मेदार अधिकारियों इस प्रकार की लापरवाही पर कलेक्टर की अनुशंसा पर कार्यवाही करते हुए चरण लाल मरावी केंद्र अध्यक्ष, सहायक केंद्र अध्यक्ष मंगरु लाल परस्ते ,कक्ष पर्यवेक्षक श्रीमती गोमती मरावी की एक-एक वेतन वृद्धि रोकी गई एवं कक्ष पर्यवेक्षक अनुग्रह दीप को notice जारी किया गया है।
हालांकि प्रशासन की इस कार्रवाई से छात्रा को कोई लाभ होने की संभावना कम ही है। पूरक परीक्षा देना छात्रा की मजबूरी है उसे होने वाले मानसिक तनाव की भरपाई करना संभव नहीं होगा।







